पाकुड़। अमड़ापाड़ा प्रखण्ड कार्यालय परिसर स्थित एक भवन में आयोजित कर्मशाला में उपस्थित सभी किसानों एवं कृषक मित्र को संबोधित करते हुए सहायक तकनीकी प्रबंधक लॉरेंस मालतो कुमार ने सबसे पहले आत्मा, कृषि विभाग में संचालित योजनाएं- प्रशिक्षण, परिभ्रमण,प्रत्यक्षण,बीज वितरण एवं विनिमय योजना, मिट्टी जॉच,इत्यादि की विस्तृत जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तकनीकी सहायक सपन सोनल तिर्की ने NFSM योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 2023 को International year of Millets घोषित किया गया है,इस वर्ष जागरूकता अभियान के तहत ज्वार, बाजरा, रागी, मडूआ, सोवा, कोदो आदि मोटे अनाज सदियों से हमारे आहार का अभिन्न अंग रहा है। स्वास्थ्य लाभों की अधिकता के अलावा, मोटे अनाज कम पानी और कम लागत की आवश्यकता वाले यह अनाज पर्यावरण के लिए भी अच्छा है। मोटे अनाज का उत्पादन और खपत को बढ़ाने के उद्देश्य से भारत सरकार के प्रस्ताव पर, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। वही प्रखंड कृषि पदाधिकारी नवीन कुमार गुप्ता द्वारा केसीसी, ऋण माफी योजना, PM किसान EKYC आदि की जानकारी दी एवं मोटे अनाज की खेती करने पर बल देते हुए बताया कि पुराने ज़माने के पुरानी पीढ़ी द्वारा इस फ़सल का उत्पादन किया जाता था जो आज के समय में यह फसल विलुप्त होता जा रहा है यह अनाज शरीर के लिए काफ़ी पौष्टिक आहार है और इस तरह के अनाज में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, वसा, लौह, रेशा,कैल्शियम, जिंक शूक्ष्म पोषक तत्व पाये जाते हैं जो काफ़ी स्वास्थ्यवर्धक है। प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकरी द्वारा बकरी पालन, सुकर पालन, मुर्गी पालन, बतख पालन आदि योजनाओं के बारे में बताया गया। आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से काफी संख्या में कृषक मित्र एवं प्रखण्ड के विभिन्न ग्रामों से आये हुए किसान मौजूद थे।








