प्रखंड विकास पदाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर भागवत कथा वाचन का शुभारंभ किया।
बिक्की सन्याल
पाकुड़। अमड़ापाड़ा प्रखंड क्षेत्र स्थित बासमती गांव स्थित राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण के समीप बिपत्तारिणी मंदिर प्रांगण में मां विपतारिणी की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष में भव्य भागवत कथा का आयोजन गुरुवार को कलश यात्रा भ्रमण के साथ शुभारंभ किया गया। बिपत्तारिणी पूजा समिति के द्वारा वैष्णवी दुर्गा मंदिर प्रांगण से कलश में जल भरकर सैकड़ों महिला एवं पुरुष ने पूरे अमड़ापाड़ा मुख्य बाजार सहित बासमती उपनगरी का भ्रमण करते हुए वापस बिपत्तारिणी मंदिर प्रांगण पहुंची। इस दौरान राधे-राधे और जय श्रीराम की ध्वनि से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। तत्पश्चात वृंदावन से आए आचार्यों के द्वारा विधिवत तरीकों से माता बिपत्तारिणी की पूजा अर्चना की गई। वहीं क्षेत्र के श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था और उत्साह देखा गया। वही बिपत्तारिणी पूजा समिति के द्वारा आयोजित संध्या 6 बजे से भागवत कथा वाचन का शुभारंभ अमड़ापाड़ा प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि भगवान के नाम पर ही मोक्ष प्राप्ति होती है, लोग भागवत कथा को ध्यान से सुने और अपने जीवन में भगवान के बताए हुए रास्ते पर चलने की प्रेरणा लें। उन्होंने भगवान के अवतार के बारे में संक्षिप्त रूप से लोगों को बताया। जहां क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भागवत कथा वाचन का आनंद उठाया। वही वृंदावन से आए आचार्यों लक्ष्मीकांत महाराज एवं स्थानीय पुरोहित साधन मुखर्जी के द्वारा बताया गया कि 23 फरवरी (गुरुवार) को कलश भ्रमण यात्रा के साथ प्रतिदिन संध्या 6 बजे से भागवत कथा का वाचन किया जाएगा। 26 फरवरी (रविवार) को अपहरण 3 बजे से मां बिपत्तारिणी का नगर भ्रमण किया जाएगा। 27 फरवरी (सोमवार) को मा बिपत्तारिणी की प्राण प्रतिष्ठा किया जाएगा। वही अंतिम दिन 28 फरवरी (मंगलवार) को भागवत कथा का समापन किया जाएगा।





