रिपोर्ट–धीरेन साहा
दिनांक 24/03/2023, दिन शुक्रवार शाम से ही चांद के साथ एक तारे की चमक लोगों को लुभाती रही। रात गहराने के साथ चमक भी बढ़ गई। वेधशाला के अनुसार शुक्रवार को चांद के सबसे पास शुक्र तारा आने से यह नजारा दिखाई दिया। इसे शुक्र और चंद्र की युति कहते हैं। सूर्य और चंद्रमा के बाद एक शुक्र ग्रह ही है जिसकी चमक सबसे ज्यादा होता है। इसी कारण वह अलग से दिखाई देता है। कभी कभी मंगलवार के दिन भी आसमान में चांद के पास केवल शुक्र ही चमकता दिखाई देता है। चमकता तारा शुक्रवार को चंद्रमा के नीचे की तरफ नजर आया जबकि और कभी चंद्रमा ऊपर और शुक्र नीचे दिखाई देता है।
* तारो के आकार में चंद्रमा छोटा है फिर भी वो बड़ा क्यों दिखाई देता है
तारों का आकार चन्द्रमा की तुलना में अधिक है, किन्तु वे चन्द्रमा की तुलना में हमसे बहुत दूर है। इस प्रकार चन्द्रमा, दर्शन को तारों द्वारा निर्मित दर्शन कोण से बड़ा होता है, अतः चन्द्रमा तारों से बड़ा दिखाई देता है । अगर तारा चंद्रमा से दूर नहीं होता तो वह हमें चंद्रमा से भी बड़ा दिखाई देता।
* तारो की अनोखी दुनिया….
आकाश में सूरज, चाँद और तारों की दुनिया बहुत अनोखी है। आपने घर की छत पर जाकर चाँद और तारों को खुशी और आश्चर्य से कभी न कभी जरुर निहारा होगा। गांवों में तो आकाश में जड़े प्रतीत होने वाले तारों को देखने में और भी अधिक आनंद आता है, क्योंकि शहरों की अपेक्षा गांवों में बिजली की रोशनी की चकाचौंध कम होती है और वातावरण भी स्वच्छ एवं शांत होता है। तारों को निहारते-निहारते और उनकी अधिक संख्या को देखकर आप जरुर आश्चर्यचकित हो जाते होंगे। इस बात की पूरी सम्भावना है कि आपनें शहर में कभी भी ऐसा सुंदर दृश्य न देखा होगा!
तारों को रोज देखने से आपके मन में कई सवाल उठतें होंगे कि आकाश के ये तारे हमसे कितनी दूर हैं? ये हमेशा चमकते क्यों दिखाई देते हैं? ये कब तक चमकते रहेंगे? क्या इन तारों का जन्म भी होता है? क्या इनकी मृत्यु भी होती है? आकाश में कुल कितनें तारे हैं? क्या हमारा सूर्य भी एक तारा है? यदि हमारा सूर्य भी एक तारा है, तो इन असंख्य तारों की दुनिया में इसका क्या स्थान है? कहाँ हमारा सूर्य बहुत चमकीला है तो कहाँ तारे अपेक्षाकृत मंद दिखाई पड़ते हैं इसके पीछे क्या कारण हैं? मोतियों से जड़े इस गोले (आकाश) के बावजूद अंधेरा क्यों होता है? क्यों तारे टिमटिमाते नजर आते हैं? और कुछ तारे क्यों नही टिमटिमाते दिखाई देते हैं? आदि अनेक प्रश्न आपके जिज्ञासु दिमाग में जरुर उठते होंगे।
ये बात हर कोई जानता हैं कि प्राचीनकाल से ही मानव तारों से संबंधित उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर पाने का प्रयास करता रहा है? इसी का परिणाम है कि आज हमारे पास इन प्रश्नों के सटीक उत्तर उपलब्ध हैं।







