राजकुमार भगत
बेहतरीन कार्य करने वाले संस्थाओं को किया गया सम्मानित
पाकुड़। विश्व यक्ष्मा दिवस पर शनिवार को सदर अस्पताल सोनाजोड़ी के सभागार कक्ष में उपायुक्त वरुण रंजन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त वरूण रंजन, सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल, एसीएमओ डॉ अरविंद कुमार, डीएस डॉ एस.के झा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ चंदन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ एहतेशाम उद्दीन, एमओआईसी डॉ के.के. सिंह, डॉ अमित कुमार के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।उपायुक्त ने कहा कि नि-क्षय मित्रों की सहभागिता से ही वर्ष 2025 तक भारत टीबी मुक्त हो पाएगा। इसके लिए सभी अधिकारियों को विशेष प्रयास करना होगा। सरकार न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश कर रही है बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि सुविधायें दूर-दराज के इलाकों तक उपलब्ध हों। टीबी के मरीजों का इलाज उपरोक्त संस्थाओं की ओर से या व्यक्तिगत रूप से जिला, प्रखंड, पंचायत और टोला स्तर पर व्यक्तिगत स्तर पर रोगियों के इलाज के दौरान गोद लेते हुए टीबी मुक्त होने तक या कम से कम छह माह तक इलाज व पोषाहार देकर उन्हें टीबी मुक्त बनाना है। वर्तमान में टीबी के मरीजों को सरकार की तरफ से सहायतार्थ पांच सौ रुपए पोषाहार के लिए मुहैया कराया जाता है। जन आंदोलन के मध्यम से लोगों में टीबी के बारे में जागरूकता पैदा करनी होगी। उन्हें बताना होगा कि इसका इलाज प्रभावी और सुलभ है तथा सरकार इस बीमारी का रोकथाम और उपचार के लिए निःशुल्क सुविधा प्रदान करती है।कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में घर-घर जाकर टीबी के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा और टीबी के मरीजों को चिन्हित कर उनका इलाज कराया जाएगा। इसके तहत सभी सहिया बहनें डोर-टू-डोर जाकर कार्यक्रम की सफलता को लेकर लोगों को जागरूक करेंगी। दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी होना सांस फूलना, सांस लेने में तकलीफ होना, शाम के दौरान बुखार का बढ़ जाना, सीने में तेज दर्द होना, अचानक से वजन का घटना, भूख में कमी आना, बलगम के साथ खून आना। टीवी के मुख्य लक्षण हैं। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ एहतेशाम उद्दीन ने टीबी मुक्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।







