खाकी के इशारे पर आधी रात के बाद मयुरकोला के रितेश का गाड़ी पास कराने का शुरू होता है खेल
बजरंग पंडित पाकुड़।
पाकुड़/साहिबगंज: अवैध खनन व परिवहन के लिए बदनाम साहिबगंज व पाकुड़ जिले के पत्थर माफिया में शासन प्रशासन का डर केवल दिन के उजाले में दिख रहा है। दिन में खनिज लदे वाहनों का परिवहन कम हो गया है। जो वाहन जिले की सीमा पार कर रहा है, वह चालान लेकर जा रहा है।वही साहिबगंज जिला का कोटालपोखर थाना क्षेत्र अवैध कार्यों के लिए काफी सुर्खियों में रहता है,बंगाल सीमा से सटे होने के कारण स्थानीय पहरेदारों की मिलीभगत से पत्थर माफियाओं का यह थाना क्षेत्र सेफ जोन है, कोटलपोखर खाना के कुछ पहरेदारों का मनसा सबका साथ सबका विकास करना है। कोटालपोखर थाना क्षेत्र अवैध पत्थर की सप्लाई, फर्जी एटीएम लॉटरी,और अब कोयला का काम, इन सब अवैध कामों के लिए काफी मशहूर है।पाकुड़ के हिरणपुर थाना व कोटलपोखर थाना के बीच खनन क्षेत्र से लोड होनी वाले ट्रक के मालिक जो बिना माइनिंग के पहले हिरणपुर नाका पार करवाते है,फिर कोटलपोखर के रहने वाले एजेंट,मयुरकोला के रितेश,एसएस ग्रुप,अनमोल ग्रुप, केके ग्रुप से संपर्क साधते है,संपर्क साध कर अपनी गाड़ियों का नंबर इनके वाट्सएप पर भेजते है,फिर यह सभी एजेंट अपने करीबी खाकी के वाट्सएप पर भेज कन्फर्म करते है,सूत्रों के प्राप्त जानकारी से प्रत्येक गाड़ी से 2000 से लेकर 2500 रूपया तक लिया जाता है,गाड़ी को कोटलपोखर चेक नाका से पार करवाने के लिए।गाड़ी सभी को आधी रात के बाद सुबह 4 बजे तक एजेंट अवैध रूप से पार करवाते है।यह रोज का खेल है, प्रत्येक दिन खनन माफिया के स्टाफ द्वारा 60 से 70 गाड़ी को बिना माइनिंग चालान वो भी ओवरलोड पार करवाया जाता है। इस खेल में जितने भी सदस्य हैं सारे खाकी पहनने वाले पहरेदारों की काफी करीबी है। जिनके सहारे खाकी के रोज वारे न्यारे हो रहे है।कोटलपोखर थाना क्षेत्र में हो रहे इन सब खेलों में खुलकर साथ बरहरवा और साहिबगंज खाकी का भी है। जिनके सहारे कोटलपोखर अवैध कार्यों से फल फूल रहा है। सूत्रों के मुताबिक थाना के ही स्टाफ के द्वारा 2000से 2500 रुपया गाड़ी से थाना के नाम से वसूलते है।







