बिक्की सन्याल
पाकुड़। पाकुड़ एसटीएससी थाने में दर्ज कांड संख्या 14/22 पीड़िता मोनिका टुडू ने 16 नवंबर को स्वयं थाने में उपस्थित होकर केस दर्ज करवाया। केस की धारा 341/323/364A/504/34 भा०द०वी० एवं 31(i)(r)(s) एससीएसटी प्रीवेंशन एक्ट के तहत मामला तत्कालीन थाना प्रभारी प्रीति कुमारी ने दर्ज कर महेशपुर के एसडीपीओ नवनीत ए. हेम्ब्रम को जांच के लिए नियुक्त किया गया। मालूम हो कि एससीएसटी के तहत दर्ज केस का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी स्तर के अधिकारी ही अनुसंधानकर्ता बनाए जाते हैं इस मामले की जांच एसडीपीओ महेशपुर ने की और इस मामले में जांच के दौरान एससीएसटी एक्ट को हटाकर आरोपी श्रीराम भगत और कमलकांत पांडे को जमानत धारा के तहत थाने से ही बेल दे दी गई। जब यह मामला स्पेशल कोर्ट के संज्ञान में आया तो कोर्ट ने स्वत संज्ञान लेते हुए इस मामले में दोनों आरोपी और पीड़िता को समन जारी किया लेकिन कोर्ट में समन जारी होने के बाद दोनों आरोपी उपस्थित नहीं हुए। इन दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए 14 जून बुधवार को कोर्ट में आवेदन दिया। जिसका ABP न: 249/23 जिस पर दोनों पक्षों की सुनवाई की गई जिसके बाद स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश राकेश कुमार ने सुनवाई कर अग्रिम बेल पिटीशन को खारिज कर दिया। अब दोनों आरोपी का जेल जाना तय माना जा रहा है। इधर पीड़िता ने पुलिस पर दोनों आरोपी को बचाने का आरोप लगाते हुए इन दोनों को त्वरित गिरफ्तार करने की मांग की है। इधर लोजपा के जिला अध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने कहा कि आईओ के द्वारा अभियुक्तों के प्रभाव में आकर बचाने का काम किया हैं। लेकिन हमें न्यायालय पर आस्था और भरोसा था कि पीड़िता के साथ न्याय होगा। कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेकर दोनों आरोपी को समन जारी किया। जिला अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि इस मामले को लेकर झारखंड के डीजीपी और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दिल्ली तथा केन्द्रीय गृह सचिव को लिखित शिकायत पत्र भेजी जाएगी।
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