प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा( पाकुड़)प्रखंड क्षेत्र के कुंजबोना पंचायत के लिट्टीपहाड़ गांव में आदिम जनजाति समुदाय के शुद्ध पेय जल को लेकर बूंद बूंद पानी को तरस रहे है। आजादी के 75 साल पूरे हो गए और देशवासियों ने जोश खरोश के साथ अमृत महोत्सव मनाया. लेकिन झारखंड राज्य के अंतिम छोर में बसे पाकुड़ जिला के लिट्टीपाड़ा प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा शुद्ध पेय जल मुहाया करवाने में विफल रहा।आलम यह है कि जिस झरना पर लिट्टीपाड़ा प्रखंड के लिट्टीपहाड के ग्रामीण पीने का पानी के लिए गर्व महसूस करते थे, उसने भी गर्मी के इस मौसम में उनका साथ छोड़ने लगा. ऐसे में गांव में वर्षों पहले झरना कुप बनाई गई थी लेकिन वो भी भीषण गर्मी में धोखा देने लगा। और नाला भी सुखने लगा।इस गांव में लगभग 100 लोग नाला का पानी पीने में मजबूर है।लिट्टीपहाड़ के ग्रामीणों को ऐसा दुख और दर्द दे रहा है जैसे मानो किसी ने जले पर नमक छिड़क दिया हो।










