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March 14, 2026 10:35 am

महान समाजवादी नेता पूर्व सांसद की 86 वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया।

बजरंग पंडित

महेशपुर प्रखंड कार्यालय के सभागार में रविवार को झारखंड राज्य दफादार चौकीदार पंचायत शाखा पर पाकुड़ जिला कमेटी द्वारा सामाजिक न्याय की अग्रणी योद्धा मंडल आयोग के जनक चौकीदार दफादारो के उद्धारक महान समाजवादी नेता राम अवधेश सिंह पूर्व सांसद की 86 वीं जयंती समारोह का आयोजन प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिला अध्यक्ष धीरेंन माल के अध्यक्षता में किया गया. समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि झारखंड राज्य दफादार चौकीदार पंचायत के राज्य अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह उपस्थित थे. समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर राम अवधेश सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. समारोह का उद्घाटन करते हुए झारखंड राज्य दफादार चौकीदार पंचायत के राज्य अध्यक्ष कृष्ण दयाल सिंह ने राम अवधेश सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से बताया. श्री सिंह ने कहा कि राम अवधेश सिंह पूर्व सांसद, सामाजिक न्याय के अग्रणी योद्धा व्यापक संघर्ष के प्रतीक महान समाजवादी नेता और चौकीदार दफादारों के उद्धारक थे. उन्होंने बताया कि जीवन भर पिछड़ों दलितों और समाज के वंचित एवं बेजुबान लोगों के लिए संघर्ष करने वाले यशस्का यशकायी राम अवधेश सिंह पूर्व सांसद का जन्म 18 जून 1937 को एक अत्यंत ही गरीब परिवार में गांव पिपरा, जिला भोजपुर (बिहार) में हुआ था. भागलपुर विश्वविद्यालय से एमए, रांची विश्वविद्यालय से एलएलबी और विश्व प्रसिद्ध प्रबंधन संस्थान ऐक्सएमआरआई जमशेदपुर से प्रबंधन की पढ़ाई की थी. उन्होंने बताया कि अवधेश सिंह 1969 में आरा बिहार से विधायक 1977 में जनता पार्टी से लोकसभा का सदस्य और 1986 में लोकदल से राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे. संयुक्त बिहार के अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को पोन्नति में आरक्षण दिलाना, राजनीतिक जोखिम उठाते हुए 1978 में आंदोलन के बदौलत संयुक्त बिहार के पिछड़े वर्गों को सरकारी सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में 26 प्रतिशत आरक्षण दिलाना, मंडल आयोग का गठन कराना और इसके सिफारिशों को एमडीआई कराने के लिए देशभर में व्यापक जन आंदोलन करना भारत में केवल बिहार के अब झारखंड भी चौकीदार दफादार, घटवार, सरदार और दिगवारो को 01.01. 1990 से सरकारी चतुर्थवर्गीय कर्मचारी बनाने के साथ-साथ संयुक्त बिहार को आर्थिक शोषण से मुक्त कराने के लिए निर्णायक आंदोलन करने के लिए जरूर याद किया जाएगा। मौके पर धीरेंन माल, परमेश्वर सरकार, वीरेंद्र सरकार, अजय सरकार, अजय माल, प्रणव सरकार, शिबू पहाड़िया, रमेश राय, तिलक राज, पवन माल, सुरेश राजबार, मिठू मालिक, शीला रानी पहाड़िया, घोड़ा बास्की, हाबू माल, प्रदीप माल सहित सैकड़ों चौकीदार मौजूद थे।

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