अब्दुल अंसारी
पाकुड़िया एवं मोंगला बांध स्थित दुर्गा मंदिर एवं कालीमंदिर में और प्रखंड के अन्य गांव में भी शनिवार को विपत्तारिणी पूजा धूमधाम से संपन्न हुई। पूजा-अर्चना के लिए यहाँ सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी ।श्रद्धालुओ द्वारा ढाक ढोल के साथ बारी लाया गया। इसके बाद पूजा अर्चना की गई। जहाँ काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थे। पूजा को लेकर 13 प्रकार के फलफूल , मिठाई आदि की चढ़ावा व्रती महिलाओ द्वारा किया गया। वही उपस्थित व्रती महिलाओ द्वारा एक दूसरे को सिंदूर लगाकर पति की दीघायु की कामना किया।पुजारी ने बताया कि बंगाली समाज मे इस पूजा का काफी महत्व है। इसमे महिलाएं अपने परिवार की रक्षा व मुसीबतों से बचने के लिए व्रत रखती है। वही देवी माँ की शक्ति स्वरूप लाल धागा बांधती है। व्रती महिलाओं ने 13 तरह के फल, फूल व मिष्टान्न के साथ भोग लगाकर मां विपत्तारिणी की पूजा-अर्चना कर अपने पूरे परिवार की रक्षा व उन्नति के लिए मां से आर्शीवाद लिया। पूजा में चढ़ाए गये लाल डोरे की तेरह गांठ लगाकर रक्षा कवच स्वरूप इस डोरे को महिलाओ ने बाएं बाहं में एवं पुरुषो ने दाहिने बाहं में धारण किया । प्रत्येक साल आषाढ़ महीने में रथ यात्रा के बाद पहली मंगलवार व शनिवार को मां विपत्तारिणी की पूजा की जाती है।







