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March 12, 2026 7:19 pm

विपरीत परिस्थितियों के बीच बदली किसानों ने अपनी सोच,जो सोचा नहीं वह कर दिखाया।

मेहनत और लगन का जज्बा हो तो खुद किस्मत सलाम करती है।

पाकुड़िया संवाददाता प्रखंड के बन्नोग्राम पंचायत अंतर्गत पलासी गांव के मेहनतकश किसान इन दिनों मौसमी सब्जी की खेती के लिए पहचाने जाने लगे हैं। क्योंकि विपरीत परिस्थितियों के बीच इन किसानों ने अपने खेतों में ऐसी फसलें उगाई जिसकी कल्पना तक नहीं की जा सकती थी। गांव के प्रगतिशील किसान गोर लेट ने बताया कि पूर्व में हमलोग एकफसली धान की खेती कर अपना गुजर बसर करते थे। परंतु विगत वर्ष के भीषण सूखे ने हमें जहां भूखे रहने को मजबूर कर दिया, वहीं कुछ अलग तरह की खेती के बारे में सोचने पर भी प्रोत्साहित किया। गोर लेट की माने तो आज उनके खेत परवल की लताओं से लहलहा रही हैं। यही नहीं उनके देखा देखी यहां दर्जन भर से ज्यादा किसान पारंपरिक खेती को छोड़ परवल, बंद गोभी, फूल गोभी, ब्रोकली, दांडी साग, पाट साग, करेली, शलजम आदि अन्य साग सब्जियों की खेती कर अपने खेतों में हरियाली के साथ- साथ जीवन में भी खुशहाली लाने में सफल हुए हैं।क्षीमती लेट ने बताया कि इस वर्ष बाजार में परवल40 से 50 रुपए किलो जैसी अच्छी कीमत पर बिक रही है।परंतु दुर्भाग्य देखिए ऐसे प्रगतिशील किसानों को अबतक ना ही उन्नत खेती हेतू कोई सरकारी सुविधा मिली ना ही इन्हें कृषि लोन ही मिला।क्योंकि लोगों की माने तो बैंकों में यहां कृषि लोन उसी सक्रिय तथाकथित किसान को मिला बिना किसी सरकारी सहायता के भी वे किसानी को नया स्वरूप देने में सफल रहे हैं। परन्तु सोचनीय यह भी हैं कि अगर इन जैसे मेहनतकश किसानों को सरकार की मदद मिलती तो आज इनके चेहरे पर आई हल्की मुस्कान ठहाकों मेंश्री लेट ने बताया कि अबतक यहां के दर्जनों किसान एक लाख रुपए से ज्यादा का सिर्फ परवल बाजार में बेचकर अच्छी कमाई कर चुके हैं। इसके अलावे ब्रोकली, करेली, झींगा, सत्पुतिया, साग आदि तब्दील हो सकती थी।

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