BGR/DBL के प्रतिनिधियों ने कहा की हम भाड़ा बढ़ाने के पक्ष में नहीं,पिछले महीने ही बढ़ाया गया था भाड़ा।
ट्रांसपोर्टर ने कहा की भाड़ा बढ़ने के बाद भी कोयला परिवहन करने पर हो रहा हर महीना काफी नुकसान।
पाकुड़ समाहरणालय में एसडीएम हरिवंश पंडित के नेतृत्व में ट्रांसपोर्टर और कोल कंपनी की वार्ता गुरुवार को पाकुड़ समाहरणालय में विफल रही,कॉल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया की ट्रांसपोर्टर का भाड़ा 270 से 292 रुपए प्रति टन पिछले महीने ही बढ़ाया गया था कंपनी अब भाड़ा बढ़ाने के पक्ष में नहीं है,वहीं दूसरी तरफ कोयला का परिवहन करने वाले ट्रांसपोर्टर ने अपनी समस्या बताते हुए कहा की पिछले महीने कंपनी के द्वारा मामूली भाड़ा बढाया गया था, बढ़े भाडे के बाद भी हम लोगों को हर महीने काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है,इस दर पर कोयला का परिवहन करना मुनासिब नहीं है,कोयला प्रति टन 375 रुपए किए जाने पर ही कोयला का परिवहन संभव है अन्यथा कोयला का परिवहन अगले हफ्ते से बाधित रहेगा।
एसडीएम हरिवंश पंडित ने बारी बारी दोनो पक्षों की बात को ध्यान से सुना और कोल कंपनी और ट्रांसपोर्टर को कल तक सोच विचार कर पुनः वार्ता करने को कहा और सुझाव दिया की हर समस्या का हल वार्ता ही है।









