बजरंग पंडित
हिरणपुर (पाकुड़): गैर शैक्षणिक कार्यो से मुक्त करने को लेकर गुरुवार को शिक्षकों ने प्रखंड संसाधन केंद्र में बीईईओ रफीक आलम को मांगपत्र सौपा। शिक्षक अनन्त साहा , चंद्रशेखर साहा , मानिक मण्डल आदि ने बताया कि हम शिक्षकों का मूल कर्तव्य बच्चो को पढ़ाना व गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराना है। वर्तमान में विद्यालयो में शिक्षकों की भारी कमी है। इसके बावजूद हम बच्चो को पढ़ाना चाहते है , पर बिडम्बना यह है कि इसके अलावे भी अन्य कई सारे कार्य करना पड़ रहा है। जिससे बच्चो की भविष्य अंधकार की ओर अग्रसर है। शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यो के अलावे बैंक खाता खोलना , आधार , जन्म प्रमाणपत्र , छात्रवृति के लिये ई कल्याण पोर्टल पर आंकड़ा अपलोड करना पड़ रहा हसि। इधर बच्चो की जाति प्रमाणपत्र को लेकर भी काफी दबाव है। जिसकारण बच्चो की पठनपाठन व विद्यालय संचालन में प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस कार्य के लिए शिक्षकों को ग्रामीणों से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। इसके अलावे एमडीएम व ई विद्यावाहिनी में आंकड़ा प्रवृष्टि भी करना पड़ रहा है। यदि शिक्षक इन सब कार्यो में लिप्त रहेंगे तो शिक्षण कार्य कब करेंगे। यह एक सोचनीय विषय बना हुआ है। हम शिक्षकों की मांग है कि जाति प्रमाणपत्र सहित अन्य गैर शैक्षणिक कार्यो से हमे मुक्त किया जाय। गैर शैक्षणिक कार्यो का हम घोर विरोध करते है ।





