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June 18, 2026 3:15 pm

मकर सक्रांति के अवसर पर सीदपुर गर्मकुंड में लगने वाले मेला की तैयारी पूरी।

 

बजरंग पंडित

मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में पाकुड़िया प्रखंड के सीदपुर गर्मकुंड में लगने वाले गरम पानी मेला की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है । मेला परिसर में मिनाबाजार,मिठाई की दुकानें,मनोरंजन के विभिन्न साधन जैसे तारामाची, बुगुबुगी डांस,संथाली एवं बंगला ड्रामा के रंगमंच इत्यादि की तैयारी जोरों पर है । शांति व्यवस्था के लिए पुलिस कैंप,मेडिकल कैंप,जलापूर्ति टैंक इत्यादि की भी तैयारी पूरी कर ली गई है। तथा प्रशासनिक दृष्टिकोण से मेला परिसर पहुंचने को लेकर वहां हेतु सोशल मीडिया एवं अखबारों के जरिए वाहनों को लेकर रूट चार्ट भी तय किया गया है।पाकुड़िया प्रखंड के इस सीदपुर मौजा स्थित गरमकुंड का झरना में आस्था की अनुभूति मकर संक्रांति पर ही होती है, इस अवसर पर यहाँ की नजारा कुंभ मेले की तरह लगने लगती है । इस दिन यहाँ लोग आस्था की डुबकी लगाकर पूजा, आराधना और दानकर्म में लीन रहते हैं । प्रकृति प्रदत्त इस कुंड के गर्भ से सालो भर खौलते गरम पानी सैकड़ो वर्षो से निकलते आ रहा है । जाड़े की मौसम में यहाँ स्नान करने पर अदभूत आनन्द और सुकून की अनुभूति होती है । दिसंबर से फ़रवरी तक भोर 3 बजे भोर से ही स्नान के लिए भीड़ जुटना शुरू हो जाता है। इस कुंड में स्नान करने के लिए ना सिर्फ पाकुड़िया प्रखंड के ही लोग पहुँचते हैं बल्कि झारखंड,पश्चिम बंगाल,उड़ीसा,गुजरात, आसाम,बिहार सहित दूर दूर के राज्यों से भी लोग यहां जाड़े की मौसम में स्नान करने पहुँचते हैं । इस गर्मकुंड से हाई टेम्प्रेचर में पानी निकलती है इसके बारे में बुजुर्गो द्वारा कहा जाता है कि सौ साल पहले इस गर्मकुंड परिसर में सात कुंड हुआ करता था और सभी कुंड से इसी तरह खौलता हुआ गरमपानी निकलता था । कालांतर में इनमें से पांच कुंड लुप्त हो गए और वर्तमान में शेष एक ही गर्म कुंड बचा है,जिसमें निर्बाध रूप से गरम पानी निकलते आ रहा है । यदि सरकार इस पर भी ध्यान नही दिया तो ये कुंड भी भविष्य में लुप्त हो सकता है और सरकार की नजरे इनायत हुई तो यह बेहतर पर्यटन स्थल बन सकता है । बुजुर्ग बताते हैं कि पहले इस कुंड में चावल का पोटरी बनाकर लोग रख देते थे और कुछ ही देर में वह चावल भात बन कर तैयार हो जाता था । प्रत्येक साल मकरसंक्रांति पर 14 जनवरी को यहाँ प्रसिद्ध गरम पानी मेला का आयोजन होता है और तीन दिनों तक चलता है । मेले में अलग अलग प्रकार के मनोरंजन के साधन उपलब्ध होते हैं,जहां लोग अपने परिवार जनों के साथ मेले का खुब आनन्द उठाते हैं । इस गर्मकुंड की दूरी पाकुड़ रेलवे स्टेशन से 55 किलोमीटर, दुमका रेलवे स्टेशन से 54 किलोमीटर, रामपुरहाट रेलवे स्टेशन से 40 किलोमीटर और नलहटी रेलवे स्टेशन से 26 किलोमीटर है । यहाँ पहुँचने के लिए पाकुड़िया बाजार तक बस से जाना पड़ता है और पाकुड़िया बाजार से निजी ऑटो या कार या टोटो या मोटरसाइकिल से जाना पड़ता है ।

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