111 फीट की रंगोली एक एक मत के महत्वपूर्ण होने का देती है संदेश।
राजकुमार भगत
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पाकुड़ के कार्यकर्ताओं के द्वारा मतदाता जागरण अभियान के निमित्त 111 फीट की रंगोली पाकुड़ रेलवे स्टेशन परिसर मैदान में बनाई गई। परिषद के विश्वविद्यालय संयोजक बम भोला उपाध्याय ने बताया कि परिषद देश भर में मतदाता जागरण अभियान के निमित्त शत प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को लेकर मतदाताओं को जागरुक कर रही है। वोट फॉर भारत और नोट को ना कहे के संदेश के साथ अभाविप सघन अभियान चला करके मतदाताओं को जागरुक कर रही है। एबीवीपी के कला आयाम राष्ट्रीय कला मंच के प्रमुख संजीव पंडित के नेतृत्व में बनी यह रंगोली 111 फीट की है 111 के तीन एक इस संदेश के साथ है कि देश के एक-एक मतदाताओं का मत लोकतंत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। परिषद के आठ कार्यकर्ताओं ने 6 घंटे में इस रंगोली को तैयार किया है। 2000 मतदाता जागरूकता की पर्चियां स्टेशन परिसर में यात्रियों को बांटी गई है। मेहंदी प्रतियोगिता नुक्कड़ नाटक संगीत कविता एवं रंगोली के माध्यम से परिषद के कार्यकर्ता लोगों को जागरुक कर रहे हैं। जिले भर में 63 छोटी बैठकों के माध्यम से 768 कार्यकर्ताओं की जागरूकता समिति भी बनाई जा चुकी है। विद्यार्थी परिषद ने कुछ दिनों पहले ही अपने जिला बैठक में 600 छोटी बैठकों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का लक्ष्य लिया था। परिषद के द्वारा बनाई गई रंगोली ने जनता का काफी ध्यान आकर्षण किया है। इस दौरान काफी लोग रंगोली के साथ तस्वीर लेने में उत्साह दिखा रहे थे। रंगोली उत्सव के कार्यक्रम को जिले के चर्चित फोटोग्राफर नकुल मंडल ने अपने कमरे में कैद कर उसे छोटी फिल्म का रूप दिया है। रंगोली के इस वीडियो को नगर वासी काफी पसंद कर रहे हैं। एबीवीपी पाकुड़ एवं एबीवीपी झारखंड के सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य भर के लोग इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। नगर मंत्री हर्ष भगत ने बताया कि विद्यार्थी परिषद के मतदाता जागरण अभियान में न सिर्फ परिषद के कार्यकर्ता बल्कि आम छात्र एवं नागरिक भी उत्साह के साथ जुड़ते जा रहे हैं। पाकुड़ नगर में छोटी बैठकों के आयोजन के साथ-साथ रचनात्मक कार्यक्रम के माध्यम से भी मतदाताओं को जागरूक करने हेतु हम प्रयासरत है। रंगोली उत्सव को सफल बनाने में मुख्य रूप से जिला एसएफएस संयोजक विशाल भगत, कला मंच के नगर प्रमुख मैगी, अभिजीत आनंद,विशाल यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






