Search

September 16, 2026 5:24 pm

हिरणपुर में बढ़ते ट्रैफिक और प्रदूषण पर बायोक्रेट की नजर

हरियाली और साफ हवा के लिए शुरू हुआ वैज्ञानिक सर्वे

पाकुड़: पाकुड़ जिले में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, ट्रैफिक का दबाव और बिगड़ती पर्यावरणीय सेहत को देखते हुए अब प्रशासन हरकत में आ गया है। जिले के हिरणपुर क्षेत्र में देश की नामचीन और NABL सर्टिफाइड संस्था बायोक्रेट एन्विरोंमेंटल सर्विसेस की टीम ने पर्यावरणीय सर्वे का काम शुरू कर दिया है। यह सर्वे न सिर्फ प्रदूषण की मौजूदा हालत को मापेगा, बल्कि भविष्य के लिए एक टिकाऊ प्लान भी तैयार करेगा।टीम में शामिल फील्ड सैंपलर मनीष कुमार सिंह, मानस कुमार और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों ने बाजार, मुख्य सड़कें, चौराहे और संवेदनशील इलाकों में डेरा डाल दिया है। अत्याधुनिक उपकरणों से वायु प्रदूषण, ध्वनि दबाव, कार्बन उत्सर्जन और ट्रैफिक फ्लो जैसे आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। रियल टाइम डाटा के जरिए यह देखा जा रहा है कि किन इलाकों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और कहां ग्रीन बेल्ट की सबसे ज्यादा जरूरत है।

पर्यावरण विभाग को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

सर्वे के बाद एकत्र किए गए डाटा को प्रदूषण नियंत्रण विभाग को सौंपा जाएगा, जो तय करेगा कि कहां वृक्षारोपण होना चाहिए, कहां ट्रैफिक को डायवर्ट करना है और किन जगहों पर प्रदूषण नियमों को सख्ती से लागू किया जाए।

हरित भविष्य की नींव

यह अध्ययन न केवल तकनीकी पहल है, बल्कि जिले को एक स्वस्थ, हरित और संतुलित वातावरण देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जानकारों का मानना है कि इस प्रयास से पाकुड़ न केवल प्रदूषण से राहत पाएगा, बल्कि शहरी नियोजन और ट्रैफिक प्रबंधन में भी नई दिशा मिलेगी।

स्थानीय लोगों की उम्मीदें बढ़ीं

हिरणपुर के लोगों को उम्मीद है कि इस पहल से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, कम शोर और बेहतर जीवनशैली मिल सकेगी। बायोक्रेट की यह कोशिश जिले में पर्यावरणीय जागरूकता और बेहतर प्रशासनिक निर्णयों का आधार बनेगी।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!