एस कुमार
पाकुड़। शुक्रवार को के के एम कॉलेज पाकुड़ और राज प्लस टू सीएम एक्सीलेंस स्कूल पाकुड़ में खुशी क्लास का आयोजन खुशी क्लास और लाइफ केयर रांची के संयुक्त बैनर तले किया गया। मौके पर खुशी क्लास के संस्थापक मुकेश सिंह चौहान ने खुशी मिशन के बारे में बतलाते हुए कहा कि कैसे अपने जीवन में खुश रहना चाहिए, सकारात्मक होना चाहिए,कभी भी अपने जीवन में तनाव /टेंशन को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए, किसी भी परिस्थिति में हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए | सभी अच्छी बातों को खुद में आत्मसात करना चाहिए, अंक किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का पैमाना नहीं है | उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें अपने जीवन में ” मुझे यह करना है” यह सोच रखना चाहिए ना कि “यह होना चाहिए” यह सोच। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच मनुष्य को सफल बनाता है | चौहान ने सकारात्मकता से सजी कहानी भी सुनाई- एक 25 साल की युवती अपने पिता के साथ ट्रैन में सफर कर रही थी। खिड़की से बाहर देखते हुए जोर से चिल्लाई- पिताजी देखो ये पेड़ पीछे जा रहे हैं। पिता मुस्कुरा दिए। पास में बैठे लोगों ने सोचा, लड़की इतनी बड़ी है और इसका व्यवहार बच्चों के जैसा है। शायद ये लड़की मानसिक रूप से कमजोर है। कुछ देर में युवती फिर चिल्लाई- पिताजी देखो ये बादल हमारे साथ दौड़ रहे हैं। तभी पास बैठे लोगों में से एक ने लड़की के पिता से कहा- माफ़ कीजियेगा, पर आप अपनी लड़की का इलाज किसी अच्छे डॉक्टर से क्यों नहीं कराते ? लड़की के पिता मुस्कुरा कर बोलें- अपनी बेटी का इलाज करवा कर अभी हम लोग हॉस्पिटल से ही आ रहे हैं। मेरी बेटी जन्म से अंधी थी। हॉस्पिटल में उसके इलाज के बाद आज से ही इसने दुनिया देखना चालू किया है। अब बोगी में बैठे सभी लोगों के दिल में उस युवती के प्रति अपार स्नेह उमड़ पड़ा था। लब्बोलुआब यह, कभी भी किसी के बारे में जानने से पहले उसे जज नहीं करना चाहिए, सच कुछ भी हो सकता है।






