गुरु बिन ज्ञान कहां, उसका जीवन सुनसान,गुरु ही हैं जो सिखाते इंसानियत की पहचान।।
सुदीप कुमार त्रिवेदी
स्थानीय विद्यालय डी ए वी पब्लिक स्कूल के प्रांगण में शिक्षक दिवस बहुत उल्लास पूर्वक मनाया गया। विद्यालय के प्रातः कालीन सभा में प्राचार्य डॉ विश्वदीप चक्रवर्ती एवं विशिष्ट अतिथि प्रो अमरेंद्र सिन्हा ने संयुक्त रूप से डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया। इस मौके पर विद्यालय के नौनिहाल बच्चों एवं वरिष्ठ छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय के कक्षा दशम, ग्यारहवीं एवं बारहवीं के छात्र छात्राओं ने स्वयं शिक्षक बनकर पठन पाठन की जिम्मेवारी को संभाली। बच्चों ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। अपने आशीर्वचन में बच्चों को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ चक्रवर्ती ने बताया कि स्वतंत्र भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक, प्रख्यात लेखक, कुशल वक्ता, कूटनीतिक राजनीतिज्ञ एवं महान शिक्षाविद होने के बावजूद भी ये सरल एवं मृदुभाषी के रूप में विख्यात थे। हम सभी को इनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आगे बताया कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने मद्रास के क्रिश्चियन कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। डॉ. कृष्णन ने मैसूर विश्वविद्यालय और कलकत्ता विश्वविद्यालय जैसे कई विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया। उन्हें उनके दार्शनिक और बौद्धिक प्रयासों के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में पूर्वी धर्म और नैतिकता के स्पैलिंग प्रोफेसरशिप से सम्मानित किया गया था। ऐसे महान व्यक्तित्व को डी ए वी परिवार शत शत नमन करता है।







