समयबद्ध क्रियान्वयन नहीं तो होगी कार्रवाई: उपायुक्त
पाकुड़। जिले में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने साफ संकेत दे दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को तय समय सीमा में योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए जवाबदेही तय करने की बात कही। बैठक में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, साइकिल वितरण, बिरसा आवास, धुमकुड़िया भवन निर्माण, कब्रिस्तान घेराबंदी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए सभी प्रखंडों के बीईईओ को तत्काल आवश्यक डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिल सके। शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। जिले में संचालित आवासीय विद्यालयों और एकलव्य विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने उनके इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए जल्द प्रस्ताव देने को कहा। साथ ही विद्यालयों में पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी फोकस करते हुए उपायुक्त ने कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों में बेड, दवाइयों और अन्य संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। हिरणपुर स्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए घंटी आधारित शिक्षकों की नियुक्ति का निर्देश दिया गया, वहीं ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर सर्वे कराने की बात भी कही गई। रोजगार और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को नियमित शिविर लगाने, लाभुकों से फीडबैक लेने और जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकार की योजनाओं का असली मकसद अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करें। बैठक में आईटीडीए के परियोजना निदेशक सह जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार एक्का, जिला शिक्षा अधीक्षक नयन कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।






