सोमवार को उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, गव्य, मत्स्य, उद्यान एवं भूमि संरक्षण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की गई।
सुदीप कुमार त्रिवेदी
उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल के द्वारा सर्वप्रथम कृषि विभाग की समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी से पाकुड प्रखंड में खराब वर्षामापक यंत्र के संबंध में जानकारी ली एवं निर्देश दिया कि जबतक नया स्वचलित वर्षामापक यंत्र का अधिष्ठापन नही हो पाया है तबतक मैनुअल वर्षामापक यंत्र लगाना सुनिश्चित करें। दलहन एवं तेलहनी फसलों के बेहद कम आच्छादन पर खेद प्रकट करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी को किसानों के बीच प्रचार-प्रसार करते हुए दलहन एवं तेलहनी फसलों का आच्छादन शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। वहीं बीज विनिमय एवं वितरण योजना अंतर्गत 50 प्रतिशत पर आवंटित बीजों के विरूद्ध जिस बीज का ड्राफ्ट बीज आपूर्तिकर्ता संस्था को लगा दिया गया है। बीज आपूर्तिकर्ता से आवश्यक समन्वय स्थापित कर उसे जिला में आपूर्ति करने हेतु जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया। बिरसा फसल विस्तार योजना की समीक्षा के क्रम में जिला में शत प्रतिशत अनुदान पर प्राप्त मक्का एवं उरद बीज का वितरण एक सप्ताह के अन्दर पूर्ण करने का निदेश दिया गया। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की समीक्षा के क्रम में राज्य स्तर से प्राप्त मृदा नमूना संग्रहण को शत प्रतिशत प्राप्ति का लक्ष्य जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया एवं प्रखण्ड स्तर पर कैम्प लगाकर मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण करने हेतु निर्देशित किया गया। झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना की समीक्षा के कम में छुटे हुए लाभुकों का जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने का निदेश दिया गया। किसान केडिट कार्ड की समीक्षा के कम में जिला कृषि पदाधिकारी को वर्तमान वित्तीय वर्ष का माहवार प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के कम में वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्राप्त कार्य योजना का निष्पादन 31 जुलाई 2024 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही वित्तीय वर्ष 2024-25 में सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में प्राप्त विभिन्न चरणों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश जिला पशुपालन पदाधिकारी को दिया गया।
गव्य विभाग के समीक्षा के क्रम में जिला गव्य विकास पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि योजना के संचालन में आपूर्तिकर्ता संस्था के द्वारा रूचि नहीं लिये जाने के कारण योजना के क्रियान्वयन में कठिनाई हो रही है। उपायुक्त के द्वारा जिला गव्य विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि उक्त कार्य हेतु अधोहस्ताक्षरी के माध्यम से निदेशक को पत्र प्रषित करना सुनिश्चित करेंगें।
मत्स्य विभाग के समीक्षा के क्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु कार्य योजना प्राप्त हो चुका है। जिसका प्रकाशन समाचार पत्रों के माध्यम से किया गया। उपायुक्त के द्वारा सभी योजनाओं में लाभुकों का चयन कर ससमय निष्पादन करने का निर्देश जिला मत्स्य पदाधिकारी को दिया गया। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी अरुण कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार भारती, जिला मत्स्य पदाधिकारी रचना निश्चल, जिला उद्यान पदाधिकारी प्रसन्नजीत महतो, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुचित एक्का सहित अन्य उपस्थित थे।






