अक्षय कुमार
रामगढ़। जिला समाज कल्याण कार्यालय द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यों को लेकर सोमवार को उपायुक्त, रामगढ़ ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में उपायुक्त ने सभी योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कुपोषण के विरुद्ध जिले में हो रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने वर्तमान प्रगति पर चर्चा करते हुए उन्होंने सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं को मुस्तैदी से कार्य करने की चेतावनी दी। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा यदि अगले एक महीने के भीतर कुपोषण निवारण के कार्यों में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा, तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।


बैठक के दौरान उपायुक्त ने योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में नन्हे कदम कार्यक्रम के तहत एक निश्चित एकेडमिक शेड्यूल (शैक्षणिक कैलेंडर) बनाकर समय के अनुसार विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएं। इसके अलावा, केंद्रों में आने वाले बच्चों की साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने हेतु संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया गया। पोषण ट्रैकर ऐप के विभिन्न सूचकांकों में शत-प्रतिशत सुधार के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। साथ ही पोषण अभियान के तहत सभी लाभार्थियों को समय पर लाभ देने का निर्देश दिया गया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उपायुक्त ने इस योजना की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की कोई भी योग्य गर्भवती महिला लाभ से वंचित न रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविका को नियमित और गुणवत्तापूर्ण संचालन सुनिश्चित करने तथा सभी प्रकार के रजिस्टरों (पंजियों) का नियमानुसार संधारण करने का निर्देश दिया गया। विभाग एवं DMFT के माध्यम से जिले में नए आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होना है। इसके लिए उपायुक्त ने भवन प्रमंडल को निर्देश दिया कि वे जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूर्ण कर भवनों को हैंडओवर करें। निर्माण की प्रक्रिया एक हफ्ते में शुरू कर दो महीने के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने शत-प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ पेयजल व अन्य जरूरी सुविधाएं बहाल करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के अंत में उपायुक्त ऋतुराज ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और लेडी सुपरवाइजरों को अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण और भ्रमण करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके। बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, सीडीपीओ, एलएस सहित अन्य उपस्थित रहे।







