सरकारी स्कूल में शिक्षक की लापरवाही से 50 से अधिक बच्चों का भविष्य संकट में।
जितेंद्र कुमार यादव।
पाकुड़ के अमड़ापाड़ा प्रखंड के जमुगड़िया पंचायत पहाड़पुर गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की लापरवाही से 50 से अधिक बच्चों का भविष्य संकट में है। स्कूल में शिक्षक नशे के धुत्त में प्रवेश करते हैं और मनमानी तरीके से आते और जाते हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें मीनू के अनुसार खाना नहीं दिया जा रहा है और प्रतिदिन आलू का सब्जी और चावल दिया जा रहा है। शुक्रवार और सोमवार को अंडा नहीं मिलता है। साथ ही, पढ़ाई भी नहीं हो रही है और शिक्षक मनमानी तरीके से व्यवहार करते हैं। जब शिक्षकों से पूछा गया कि वे नशे के धुत्त में स्कूल में कैसे प्रवेश करते हैं, तो उन्होंने बताया कि वे पांच बोतल पी आए हैं। यह घटना झारखंड की सरकारी विद्यालयों की बदहाली को दर्शाती है।
सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन नहीं होने और बाधित रहने की शिकायत आम है। आमतौर पर कहा जाता है कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए ही विद्यालय पहुंचते हैं और हाजिरी बनाकर अपने कार्य से इतिश्री कर लेते हैं। इस घटना ने सरकारी विद्यालयों की बदहाली को उजागर किया है और बच्चों के भविष्य के प्रति चिंता जताई है।
किया कहते है डीएसई
डीएसई मुकुल कुमार ने कहा है कि शिक्षक संबंधित शिकायत मिली है मामले की जांच की जाएगी, दोषी पाई जाने पर कार्रवाई निश्चित की जाएगी।





