बजरंग पंडित
पाकुड़िया मुख्यालय परिसर स्थित जेएसएलपीएस प्रशिक्षण भवन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी द्वारा पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हुआ इस कार्यक्रम में डीपीएम जेएसएलपीएस निशीकांत निरज ,डीएलएम विरेंद्र कुमार, मास्टरट्रेनर रिषव घोष, उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के किसानों को प्राकृतिक खेती के तरीकों और लाभों से अवगत कराया गया। मास्टरट्रेनर रिषव घोष ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग के बिना फसल उगाने की एक पारंपरिक पद्धति है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती के अपनाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, फसल की पैदावार बढ़ती हैऔर किसानों की आय में वृद्धि होती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों को वर्मीकम्पोस्ट बनाने, जैविक खाद तैयार करने और फसल संरक्षण के प्राकृतिक तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। किसानों को यह भी बताया गया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से न केवल उनकी फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि इससे पर्यावरण को भी लाभ होगा। कार्यक्रम में उपस्थित डीएलएम जेएसएलपीएस, विरेंद्र कुमार ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पाकुड़ जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। जो किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रख सकेंगे। इस कार्यक्रम में प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक निर्मल बैध, बीपीओ राजीव कुमार, एफटीसी अनुप कुमार सहित अन्य दर्जनों दीदी उपस्थित थे।






