Search

May 9, 2026 9:49 pm

14 उम्मीदवारों की भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद, ढाई लाख नए वोटरों ने बदला चुनाव का समीकरण।

राजकुमार भगत

पाकुड़। लोकतंत्र का महापर्व लोकसभा चुनाव 2024 के अंतिम चरण के चुनाव शनिवार को जिले भर में चाक चौबंद सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण संपन्न हो गया ,और इसी के साथ राजमहल लोकसभा क्षेत्र से चुनाव में खड़े हुए 14 प्रत्याशियों का भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। चुनाव ठीक सुबह 7:00 बजे प्रारंभ हो गया संध्या 5:00 बजे तक चली । उम्मीदवारों का भाग्य का फैसल 4 जून को लगभग 3 से 4 बजे दोपहर तक साफ हो जाएगा। चुनाव समाप्ति के पश्चात निर्दलीय उमीदवार लोबिन हेम्ब्रम, इंडिया गठबंधन की उम्मीदवार झारखंड मुक्ति मोर्चा के विजय कुमार हंसदा, भारतीय जनता पार्टी के ताला मरांडी,महेश पहाड़िया,दीपा टुडू,सेबास्टियन हेम्ब्रम , समता पार्टी से लीली हांसदा , कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ माक्ससिस्ट से गोपिन सोरेन,लोकहित आधिकारी से विनोद कुमार मंडल,नवयुवक प्रगतिशील मोर्चा से मुंशी किस्कु,प्रिपल्स ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक से खलीफा किस्कु,बहुजन समाजवादी से मरियम मरांडी,ऑल इंडिया से पाल सोरेन, राष्ट्रीय जन संभावना से अजित मरांड अब राहत की सांस ली है और साहिबगंज पहुंचकर ईवीएम की व्यवस्था देखने के बादअब आराम के मूड में है। सुबह जोड़ घटाव किया जाएगा।

कौन मारेगा बाजी किसकी होगी हारकौन पहनेगा मालाकिसका चेहरा होगा लटका

सभी नेता खामोश,दिल की धड़कनें तेज , प्रतीक्षा 4 जून की !? जो कल तक दम भरते थे आज शांत हो गए क्योंकि अब बोलकर फायदा नहीं है ।नतीजा 4 जून को सामने होगा। तब तक ख्याली प्लाव ही काफी है। सब जानते हैं यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और झामुमो के बीच है। लोबिन हेंब्रम तीसरे नंबर पर हैं किंतु उनकी जीत को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। बात साफ और स्पष्ट है की 2019 के चुनाव में झामुमो को 507830 मत मिले थे एवं भारतीय जनता पार्टी को 408635 मत। लगभग 1 लाख का अंतर है। किंतु ढाई लाख नए वॉटर चुनाव की समीकरण को बदल दिया है। ऐसे में तो भाजपा पूरी उम्मीद लगाए बैठी है । इसका एक कारण यह है कि यदि लोबिन हेंब्रम , कम्युनिस्ट पार्टी, पीपल्स ऑफ़ इंडिया डेमोक्रेटिक पार्टी आदि अगर वोट का बंटवारा करते हैं तो यह किस पार्टी को नूस्कान पहुंचा सकते हैं। और यह किस पार्टी का वोट काट सकते हैं। तो इससे फायदाकिसका होगा। मतलब साफ है । इसलिए भाजपा पूरी तरह से निश्चित है। राजमहल लोकसभा क्षेत्र में नफा और नूस्कान वोट बटने पर निर्भर करता है। जैसे की अंतिम दिन बुथ क्षेत्र में चर्चा का विषय था की वोट बर्बाद करने से नहीं होगा। यदि यही विचार सबके मन में आया होगा। तो फिर निश्चित रूप से झा मु मो फिर तीसरी बारी आ सकती है। अब यह तो वक्त ही बताएगा किसने काटा किसने बांटा और किसने छांटा, और किसका हुआ लाभ किसने किया नूस्कान। यह सब आपसी खींचातानी पर ही निर्भर है। प्रतीक्षा कीजिए 4 जून तक ।

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर
error: Content is protected !!