अक्षय कुमार
हजारीबाग। उप खाद्य सुरक्षा आयुक्त, स्वास्थ्य चिकित्सा-शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, राँची, झारखण्ड एवं अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, हजारीबाग, डाॅ० शशि जायसवाल के निर्देशानुसार आज गुरुवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी, हजारीबाग, मो0 मंजर हुसैन एवं खाद्य सुरक्षा टीम के द्वारा हजारीबाग शहर स्थित मंडी मै औचक निरीक्षण किया गया।


मौके पर भिंडी, परवल तथा विभिन्न सब्जियों में कृत्रिम रंगो की जाँच की गई जिसमें किसी भी सब्जियों में कृत्रिम रंगों का उपयोग नहीं किया जा रहा है साथ ही विभिन्न फल विक्रेता के दुकान में आम को पकाने में उपयोग किये जा रहे रासायनो, फलो के रख-रखाव, फूड लाईसेंस की जाँच की गई। जाँच के क्रम में आम और केले को पकाने के लिए एफ.एस.एस.आई द्वारा प्रमाणित पाउच का उपयोग किया जा रहा था जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप है। साथ ही जिले में स्थित फल बिक्रेता को शख्त निर्देश दिया जाता है कि फलो को पकाने के लिए कैल्सियम कार्बाईड जैसे खतरनाक रसायनों का किसी भी स्थिति में उपयोग न करें। ज्ञात हो कि कैल्सियम कार्बाईड से पके फल का सेवन करने से गंभीर खतरा बन सकता है। इसके सेवन से मुख्य रूप से किडनी, लीवर तथा तंत्रिका तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव तथा कैंसर जैसी घातक बिमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।

कैल्सियम कार्बाईड के उपयोग पर खाद्य सुरक्षा और मानक नियम 2.3.5 के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित है। उपयोग करते पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की जायेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में विकाश शर्मा, सुरज कुमार, शशि भुषण मुंडा शामिल रहे।





