सुस्मित तिवारी
हिरणपुर (पाकुड़): झारखण्ड उच्च न्यायालय ने राज्य के पूर्व मुख्य मंत्री सह झामुमो नेता हेमन्त सोरेन को जमीन मामले में जमानत दी है। जो एक सच्चाई की जीत है। शुक्रवार को हिरणपुर स्थित आवास में लिट्टीपाड़ा विधायक दिनेश मरांडी ने उक्त बातें बताया । विधायक ने कहा कि झारखण्ड राज्य में मुख्यमंन्त्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में सरकार जनहित व विकास कार्यो को लेकर द्रुत रूप से कार्य कर रही थी। बीते चार वर्षो के कार्यकाल में देश मे झारखण्ड राज्य को एक नई पहचान दिया व सुदूर ग्रामीण क्षेत्रो तक विकास की नींव रखी गई। राज्य सहित देश मे भी एक विकासपुरुष राजनेता के रूप में उभरे थे। जो हर पल जनता की समस्याओं की समाधान करने में अग्रणी भूमिका निभाते आ रहे थे। इसी बीच भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने इस लोकप्रियता को सहन न कर षड्यंत्र के तहत पूर्व मुख्यमंन्त्री हेमन्त सोरेन को जमीन मामले में फंसाने का कुप्रयास किया। जबकि इस मामले में पूर्व मुख्यमंन्त्री का दूर दूर तक कोई वास्ता नही रहा है। इसके बावजूद भाजपा ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए लोकप्रिय राज्य सरकार को अपदस्थ करने का कार्य किया था। आज झारखण्ड उच्च न्यायालय की निर्णय से भाजपा की कारनामो की कलई खुल गई है। जो एनकेन प्रकार पिछले दरवाजे से सरकार चलाना चाहता है। पर इस षड्यंत्र में सफल नही हो पाया ।आने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य की जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी। राज्य में पुनः झामुमो नित गठबंधन की सरकार बनेगी। बीते लोकसभा चुनाव नतीजे ने भी भाजपा गठबंधन की निदे उड़ा दी है। जहां इंडिया गठबंधन को जनता ने विश्वास कर मत देकर विजयी बनाया। आज झामुमो कार्यकर्ताओ मे खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।





