कुजू। बाल विद्या मंदिर, आरा कोलियरी में गांधी जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य रंजीत कुमार सिंह ने गांधी जी की चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मौके पर मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने बताया कि गांधीजी बचपन से ही शिक्षा के प्रति समर्पित रहें। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भारत में ग्रहण की तो वहीं उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए वहां भी बैरिस्टर की पढ़ाई पूरी कर भारत में अपने पेशे की शुरुआत की किंतु भारत में उन्होंने अपने वकालत पेशे का भविष्य ना देखते हुए पुनः साउथ अफ्रीका चले गए। साउथ अफ्रीका में उनके साथ रंगभेद किया गया। इस सामाजिक बुराई के खिलाफ उन्होंने सत्याग्रह शुरू कर दिया। जब वे भारत लौटे तो सत्याग्रह उन्होंने भारत में आने के बाद बिहार के चंपारण से शुरू की। धीरे-धीरे भारत में गांधीजी लोकप्रिय होते चले गए हैं और उनके अनुयाई उनसे जुड़ते गए। गांधी जयंती हमें सत्य मार्ग पर चलने एवं सत्याग्रह के माध्यम से अन्याय के खिलाफ लड़ने की शिक्षा देता है। श्री सिंह ने विद्यार्थियों से गांधी जी के आदर्शों को अपनाने एवं विद्यार्थी जीवन में सुंदर लिखावट की कला को अपनाने की बात कही। गांधी जी ने लिखावट सुंदर होना एक विद्यार्थी का परम गुण बताया है। मौके पर सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं मौजूद रहे।






