राज्यपाल के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन, जिप सदस्य पिंकी मंडल ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप।
तोड़फोड़ मामले में नामजद हैं पिंकी मंडल और उनके पति।
पाकुड़: चांदपुर टोटो स्टैंड का विवाद अब प्रशासनिक दहलीज तक पहुंच गया है। स्टैंड पर कथित तोड़फोड़ के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बीच जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने बुधवार को ग्रामीणों के साथ राज्यपाल के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। उन्होंने स्टैंड के आसपास कथित असामाजिक गतिविधियों, नशे के सेवन और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं उठाते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। साथ ही सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीणों के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। पिंकी मंडल का आरोप है कि वह पिछले कई महीनों से टोटो स्टैंड की समस्याओं को लेकर उपायुक्त को पत्र लिख रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्टैंड के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े और नशे के सेवन से स्थानीय महिलाएं व बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले इसी स्थान पर महिला के साथ छेड़छाड़ की कथित घटना का जिक्र करते हुए प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
एक तरफ प्राथमिकी, दूसरी तरफ ज्ञापन।
चांदपुर टोटो स्टैंड पर कथित तोड़फोड़, धमकी और सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में मुफस्सिल थाना पुलिस ने पिंकी मंडल, उनके पति रंकुश मंडल समेत छह नामजद लोगों और 40-50 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, गश्ती पदाधिकारी एएसआई राजीव रॉय के लिखित आवेदन पर बीएनएस और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं, पिंकी मंडल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे स्टैंड बंद कराने और ग्रामीणों की समस्याएं रखने गए थे। अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ टोटो स्टैंड से जुड़ी शिकायतों पर प्रशासन की भूमिका भी अहम हो गई है। सात दिनों के भीतर समाधान की पहल नहीं होने पर प्रस्तावित धरना इस विवाद को और तूल दे सकता है।






