पाकुड़। SIR 2026 के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के बीच जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने मंगलवार को पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के चार दावा-आपत्ति सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मतदाताओं को दावा-आपत्ति दर्ज कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और प्राप्त मामलों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन किया जाए। उपायुक्त ने पंचायत भवन शहरकोल, सदर प्रखंड कार्यालय पाकुड़, पंचायत भवन नरोत्तमपुर और पंचायत भवन फरसा में संचालित सुनवाई केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने वहां दावा-आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया, सुनवाई की व्यवस्था, मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुनवाई केंद्रों पर आने वाले नागरिकों को पूरी प्रक्रिया की सरल और स्पष्ट जानकारी दी जाए। केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहें और कर्मी मतदाताओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करें। किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने या निर्वाचक विवरण में त्रुटि रहने की स्थिति में उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार का अवसर मिलना चाहिए।
15 सितंबर तक कर सकते हैं दावा-आपत्ति
SIR 2026 के तहत 5 अगस्त से 15 सितंबर तक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने की अवधि निर्धारित है। वहीं 5 अगस्त से 14 अक्टूबर तक नोटिस चरण में प्राप्त दावे और आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया चलेगी। उपायुक्त ने पात्र मतदाताओं से अपने नाम और निर्वाचक विवरण की जांच करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नाम छूटने, विवरण में गलती या किसी अन्य प्रकार की आपत्ति होने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति जरूर दर्ज कराएं। जिला प्रशासन ने भी मतदाताओं से SIR प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने में सहयोग करने की अपील की है।







