सांसद व विधायकों ने सड़क, पानी, बिजली और आवास योजनाओं की ली जानकारी; लंबित काम समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश।
पाकुड़। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक गुरुवार को समाहरणालय सभागार में सांसद विजय कुमार हांसदा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान सांसद ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव और जरूरतमंद परिवार तक समय पर पहुंचे। उन्होंने पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने को कहा।

सड़क पर फोकस
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा में क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत का निर्देश दिया गया। धर्मपुर-पाकुड़ निर्माणाधीन सड़क में तेजी लाने और स्वीकृत व लंबित सड़कों की सूची जनप्रतिनिधियों से साझा करने को कहा गया।

पानी की समस्या का स्थायी समाधान
लिट्टीपाड़ा और अमड़ापाड़ा में पेयजल संकट पर विधायकों ने स्थायी कार्ययोजना बनाने को कहा। गंगा जल योजना के दूसरे चरण में संबंधित क्षेत्रों को जोड़ने की जानकारी दी गई। साहिबगंज से गंगा जल लाने के लिए इंटेक वेल का काम चल रहा है, जिसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
769 डोभा, 501 टीसीबी और 734 कुएं बने।
मनरेगा की समीक्षा में डीडीसी अरविन्द कुमार लाल ने बताया कि दो वर्षों में जिले में 769 डोभा, 501 ट्रेंच कम बंड और 734 कुओं का निर्माण कराया गया है।

9 गांव अब भी बिजली से दूर।
ग्रामीण विद्युतीकरण की समीक्षा में सामने आया कि जिले के नौ गांवों में अभी बिजली नहीं पहुंची है। इन गांवों में JREDA के माध्यम से विद्युतीकरण का काम किया जा रहा है। विधायक स्टीफन मरांडी ने खराब ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने का निर्देश दिया।

आवास से अस्पताल तक समीक्षा।
पीएम आवास, अबुआ आवास के लंबित निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। सदर अस्पताल की रात्रिकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा हुई।
बैठक के दौरान सांसद, विधायकों और अधिकारियों ने 12 लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र और परिसंपत्तियां बांटीं। इनमें पीएम जनमन व अबुआ आवास, पोषण किट, किसान समृद्धि योजना के लाभ तथा क्रिकेट, साइकिल और कबड्डी किट शामिल रहे। जेएसएलपीएस के माध्यम से दो लाभुकों को 3.27 करोड़ रुपए के सीएलएफ फंड से संबंधित लाभ भी दिया गया।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को सांसद के निर्देशों का शत-प्रतिशत और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। सांसद ने अंत में स्पष्ट किया कि अगली दिशा बैठक से पहले दिए गए निर्देशों पर कार्रवाई पूरी होनी चाहिए और विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






