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April 17, 2026 8:29 pm

बेटियों का बचपन बचाने की जिम्मेदारी हमारी — अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के खिलाफ समाज हुआ एकजुट

इकबाल हुसैन

महेशपुर/पाकुड़: अक्षय तृतीया के अवसर पर ग्रामीण इलाकों में चोरी-छिपे कराए जाने वाले बाल विवाह पर रोक लगाने के लिए महेशपुर में गुरुवार को सख्त और व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। टैगोर सोसाइटी फॉर रूरल डेवलपमेंट के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। अभियान के दौरान गांव-गांव में लोगों को समझाया गया कि बाल विवाह न केवल एक सामाजिक कुरीति है, बल्कि यह कानूनन दंडनीय अपराध भी है। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ मुहूर्त का गलत फायदा उठाकर कई जगहों पर नाबालिग बच्चों की शादी करा दी जाती है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद बाल विकास परियोजना पदाधिकारी नीलू रानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र में शादी बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इससे उनकी शिक्षा बाधित होती है, स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है और खासकर लड़कियों को जीवनभर के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी सोच बदलें और बच्चों को पढ़ाई व बेहतर भविष्य का अवसर दें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो तुरंत प्रशासन को जानकारी दें ताकि समय रहते उसे रोका जा सके और दोषियों पर कार्रवाई हो सके। इस अभियान में उज्जवल सरकार, प्रकाश चन्द्र घोष, प्रशांत पाल, उदय रविदास, नुरजहां बेगम, आदित्य टुडु, सरोला सोरेन, अशोक पाल, गोलक सिंह, सालमान मुर्मू और खैरातुन सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी इसमें भाग लिया और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। अभियान के अंत में सभी ने एक स्वर में बाल विवाह मुक्त समाज बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और सशक्त भविष्य मिल सके।

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