पाकुड़िया प्रखंड के मोंगला बान्ध गांव में भाई-बहन के प्रेम और प्रकृति से जुड़े करमा पर्व की धूम है। मंगलवार को गांव की युवतियों और महिलाओं ने करमा गीतों व झूमर नृत्य की प्रस्तुति देकर पूरे गांव को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया।
पर्व की शुरुआत में युवतियों ने गांव के पोखर में स्नान कर पवित्रता का पालन किया और परंपरा अनुसार जावा डलिया में बालू उठाव की रस्म निभाई। इसके बाद कुरथी, मूंग, घंघरा, चना और जौ – पांच प्रकार के अन्न बोए गए।
युवतियों ने पारंपरिक करमा गीत गाते और झूमर नृत्य करते हुए पर्व का उल्लास साझा किया। उनका कहना है कि करमा पर्व झारखंड की संस्कृति और प्रकृति से गहराई से जुड़ा है। इस पर्व में बहनें पांच दिनों तक जावा डलिया के समक्ष सुबह-शाम गीत गाकर अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं।
Also Read: मोटर खराब होते ही दौड़ी व्यवस्था, रातों-रात टैंकर से पानी, 24 घंटे में नई मोटर लगाकर संकट खत्म।





