इकबाल हुसैन
महेशपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशपुर परिसर में बुधवार दोपहर एक लंगूर के घुस आने से अफरा-तफरी मच गई। लंगूर अस्पताल के ओपीडी, इमरजेंसी और वार्ड के कमरों में पहुंचकर उत्पात मचाने लगा। इस दौरान उसने दो लोगों पर हमला कर काट लिया, जिसके बाद मरीजों, परिजनों और अस्पताल कर्मियों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लंगूर अचानक अस्पताल परिसर में पहुंचा और देखते ही देखते ओपीडी से होते हुए इमरजेंसी वार्ड की ओर चला गया। रास्ते में आए लोगों पर झपट्टा मारने लगा। हमले में घायल दोनों लोगों को अस्पताल में ही प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है और उन्हें एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को जानकारी दी। वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल कर्मियों के सहयोग से लंगूर को पकड़ने का अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने जाल और सुरक्षित तरीके से बेहोश करने वाली दवा की मदद से लंगूर को काबू में कर लिया।
लंगूर के पकड़े जाने के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों और कर्मियों ने राहत की सांस ली। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि परिसर में खुले में खाने-पीने की सामग्री न रखें, ताकि जंगली जानवर भोजन की तलाश में अस्पताल परिसर में प्रवेश न करें। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लंगूर की मेडिकल जांच के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। साथ ही अस्पताल परिसर के आसपास जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।







