पाकुड़ में आकांक्षी जिला व आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत ‘संपूर्णता अभियान 2.0’ को गति देने के लिए मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने साफ कहा कि यह अभियान केवल रिपोर्ट और एमआईएस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुँचना जरूरी है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और विकास सूचकांकों की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शौचालय बनाना ही लक्ष्य नहीं है, उसका नियमित उपयोग हो— यही असली बदलाव है। बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य-पोषण से जुड़े सूचकांकों पर विशेष फोकस करने को कहा गया। लिट्टीपाड़ा बीडीओ संजय कुमार ने बताया कि आकांक्षी प्रखंड के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि व बुनियादी ढांचे से जुड़े करीब 40 सूचकांकों पर लगातार काम हो रहा है। बीते दो वर्षों में कई सूचकांकों में 100% उपलब्धि हासिल हुई है। तीन महीने तक चलने वाले विशेष अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं और स्वच्छ पेयजल के लिए वाटर फिल्टर लगाए जा रहे हैं।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा ने कुपोषण उन्मूलन पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों में संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई को लेकर जागरूकता जरूरी है। आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय, पेयजल और बच्चों के नियमित वजन मापन की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक के पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संपूर्णता अभियान 2.0 का लक्ष्य सिर्फ लक्ष्य हासिल करना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है।








