कहा- झारखंड गठन के 23 साल बाद भी विकास के सपने अधूरे।
सतनाम सिंह
पाकुड़: पाकुड़ पहुंचें बोरियो विधायक सह झारखंड बचाओ मोर्चा के सुप्रीमो लोबिन हेंब्रम हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला।लोबिन हेंब्रम ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए हेमंत सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा कहा कि झारखंड गठन के 23 साल पूरे हो चुके हैं। हमलोग 24वें साल में प्रवेश कर गये हैं, लेकिन झारखंड ने अलग होने पर जो विकास का सपना देखा था, वह अब तक अधूरा है.इस सरकार में आदिवासियों के जल, जंगल एवं जमीन से छेड़छाड़ हो रहा है, यह बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.23 साल गुजर जाने के बाद भी सरकार सही तरीके से कानून नहीं बना पा रही है।चाहे वह नियोजन नीति हो या सीएनटी- एसपीटी एक्ट जैसे अन्य कानून, सभी नीतियों को कभी हाईकोर्ट रद्द करती है, तो कभी राज्यपाल सरकार को वापस लौटा देती है राज्य के डिग्रीधारी युवा बेरोजगार बैठे हैं। उनके साथ भी खिलवाड़ हो रहा है.यह सरकार कहती कुछ और है, करती कुछ और है।आखिर कब तक झारखंड की जनता ठगी का शिकार होते रहेंगे। कहां कि मैं पार्टी के विरोध में नहीं बोलता हूं, जो चुनाव के दौरान झामुमो का चुनावी वादा था, उसी को लेकर में सरकार को आईना दिखा रहा हूं। झारखंड के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्य में पलायन कर रहे हैं। हेमंत का वादा पूरा नहीं हुआ। हेमंत सोरेन को झारखंड की जनता आने वाले समय में आईना दिखाये। हेमंत सोरेन चुनावी घोषणा पत्र में नौकरी का वादा किया था लेकिन वास्तव में उसकी ठीक उल्टा हो रहा है। राज्य से हो रहे पलायन के लिए सरकार जिम्मेदार है। कहां की जब से झारखंड बनी है तब से लेकर अभी तक रघुवर दास को छोड़कर सभी आदिवासी मुख्यमंत्री बने लेकिन किसी ने भी आदिवासियों के हित में नहीं सोचा। अगर ऐसा रुतबा रहा तो आदिवासीयों का संस्कृति के साथ आने वाला कल मिट जाएगा। आदिवासी सिर्फ म्यूजियम में ही नजर आएंगे। यहां के लोग खनिज और जमीन मालिक है। बाहरी लोग झारखंड में आकर स्पीति सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर सादे कागज में जमीन को खरीद रहे हैं। कहां की हम ना तो पार्टी और ना ही सरकार का विरोध करते हैं लेकिन जब सरकार को आइना दिखा रहे हैं तो हमें बागी समझ रहे हैं।










