सुबह से दोपहर तक खनन चेक नाका सिर्फ चौकीदार और बगल के टायर दुकानदार के हवाले
जिला प्रशासन चुनाव को लेकर व्यस्त तो इधर खनन पदाधिकारी माइनिंग माफिया के साथ मस्त।
सतनाम सिंह
पाकुड़: जिला प्रशासन व जिले की मुखिया चाहे जितना भी कोशिश कर ले नीचे से लेकर ऊपर तक के सभी अधिकारी जब कार्य को निष्ठा पूर्वक नहीं करते है तब तक जिले में अवैध कार्य को रोका नहीं जा सकता इसका सीधा उदाहरण बुधवार को देखने को मिला। दरअसल पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र के हीरानंदपुर खनन चेक नाका बुधवार सुबह से एक अनपढ़ चौकीदार के हवाले सौंपा गया था। कोई मैजिस्ट्रेट न होने से चौकीदार के द्वारा कुछ गाड़ियों का माइनिंग चालान चेक किया गया साथ ही साथ नाका के समीप टायर दुकानदार के द्वारा गाड़ियों की पासिंग की जा रही थी, पाकुड़ के तेज तर्रार डीसी मृत्युंजय कुमार बरनवाल जिले में अवैध पत्थर व कोयले की परिवहन न हो इसे लेकर काफी सख्त है। इसके लिए जिले के सभी छोर में माइनिंग चेक नाका बैठाया गया है जिससे चेकनाका से आने जाने वाले वाहनों की जांच हो और अवैध परिवहन को रोका जा सके। लेकिन बगैर मजिस्ट्रेट के चेक नाका चलना सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति को दर्शाता है। बताते चलेगी दोपहर के वक्त कुछ गाड़ीयों को तेज रफ्तार से सीधे नाका के सामने से हुए भी जाते हुए देखा गया जिसको रोकने रोकने के लिए कोई जिम्मेदार उपस्थित नहीं था। जिसपर चौकीदार ने अपनी कुर्सी से उठ गाड़ी को रोकने हेतु हाथ देना भी मुनासिब न समझा।मामला तो गड़बड़ है यह देख कर समझ आ रहा था।चौकीदार से खनन चेक पर कोई मैजिस्ट्रेट न होने को लेकर पूछा गया तो चौकीदार ने साफ कहा की सुबह से नाका पर कोई नहीं है और मेरी बात कोई गाड़ी वाला सुनता नहीं। जो कुछ गाड़ी रुक रही है माइनिंग चेक करवाने हेतु तो इसमें पब्लिक नाका के समीप टायर दुकानदार से मदद ली जा रही है।टायर दुकानदार से पूछने पर चालान एंट्री संबंधित पूछा गया तो पल्ला झाड़ते नजर आया और कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।खनन चेक नाका के तीन मजिस्ट्रेटों में एक अब्दुल राकिब को फोन किया किया गया तो फोन स्विच ऑफ मिला,दूसरे साहब लखीचंद साहा को फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की तो दोनो बार नंबर बिहार किसी व्यक्ति को लगा।तीसरे साहब ने बताया की में पारिवारिक मामला को लेकर छुट्टी पर हूं।कहीं से कोई संपर्क न होने पर उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल से फोन के माध्यम से बात की उपायुक्त महोदय को खनन चेक नाका की वास्तु स्थिति की जानकारी दी गई है।बुधवार शाम मोबिन अहमद के द्वारा कॉल पर बताया की में सुबह तक था उसके बाद मेरी ड्यूटी खत्म हो गई अब इसके आगे मैं नही जानता। अब चिकन का को लेकर जिस तरीके से लापरवाही देखने को मिल रही है कहीं ना कहीं नाका कर्मी अवैध परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं और अपने जिम्मेदारियां से भागते नजर आ रहे हैं।







