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May 13, 2026 12:50 am

झारखंड आंदोलन के शिल्पकार दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मनोबर आलम ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

पाकुड़। झारखंड आंदोलन के जनक, आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और लाखों लोगों के प्रेरणास्रोत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मनोबर आलम ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने गुरुजी को झारखंड का गांधी बताते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन संघर्ष और आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित रहा। मनोबर आलम ने कहा कि गुरुजी का संघर्ष उस दिन से शुरू हुआ जब उनके पिता की हत्या महाजनों ने जंगल में कर दी थी। तब से उन्होंने अन्याय के खिलाफ जंग छेड़ दी। आदिवासियों का धान कटवाकर उन्हें उनका हक दिलाया, रात्रि शिक्षा की शुरुआत की और टुंडी से महाजनी प्रथा के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा किया। गुरुजी कई बार जेल गए, सीसीए झेला, जंगलों में रातें बिताईं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने दुमका से सांसद बनकर संसद में अलग झारखंड की आवाज बुलंद की। मनोबर आलम ने कहा कि गुरुजी का जाना झारखंड की राजनीति और सामाजिक चेतना के लिए अपूरणीय क्षति है। हम सभी कार्यकर्ता उनके विचारों को आत्मसात कर उनके सपनों का झारखंड बनाने को संकल्पित हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

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