बाबा तिलका मांझी मेला समिति द्वारा मेला आयोजित
आजादी की लड़ाई के पहले शहीद थे बिहार के तिलका मांझी।
इकबाल हुसैन
राजमहल लोकसभा सांसद विजय हांसदा एवं महेशपुर विधानसभा विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी एवं जीप अध्यक्षा जुली खिस्टमनी हेमब्रम रविवार को महेशपुर प्रखंड के गायबाथन तिलका मांझी चौक पर स्थित बाबा तिलका मांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।तत्पश्चात बाबा तिलका मांझी मेला समिति के द्वारा हर साल की तरह इस साल भी मेला का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप मे सांसद श्री हांसदा एवं विधायक श्री मरांडी एवं जीप अध्यक्षा जुली खिस्टमनी हेमब्रम शामिल हुए।जहाँ ग्रामीण महिलाओ ने सांसद एवं विधायक सहित अन्य का आदिवासी परंपरागत तरीके से माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।इस अवसर पर मेला मे आये लोगो को अपने सम्बोधन मे सांसद विजय हांसदा ने कहा की झारखण्ड राज्य मे जो मुश्किल परिस्थिति चल रहा है।आप सभी को पता है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा गठबंधन दल को बीजेपी के द्वारा हमेशा से ही तोड़ने का प्रयास रहा है।लेकिन वो विफल रहा है। झारखण्ड राज्य हमेशा आंदोलनकारी राज्य रहा है एवं झारखण्ड मुक्ति मोर्चा आंदोलनकारी पार्टी रहा है। उन्होंने बाबा तिलका मांझी की जीवनी पर प्रकाश डालते कहा की बाबा तिलका मांझी का जन्म 11 फ़रवरी 1750 में बिहार के सुल्तानगंज में हुआ था।1785 में भागलपुर में अंग्रेजों ने उन्हें जेल में डालने के बाद फांसी पर चढ़ा दिया था।उन्होंने अंग्रेज़ी शासन के खिलाफ लंबी लड़ाई छेड़ी। संथालों के प्रसिद्ध ‘संथाल विद्रोह’ का नेतृत्व भी मांझी ने किया था। उनका नाम देश के पहले स्वतंत्रता संग्रामी और शहीद के रूप में लिया जाता है।उन्हें ‘जाबरा पहाड़िया’ के नाम से भी जाना जाता था।उनका ज्यादा जीवन गांवों और जंगलों में कटा था। वो धनुष-बाण चलाने और जंगली जानवरों का शिकार में प्रवीण थे। कसरत-कुश्ती, बड़े-बड़े पेड़ों पर चढ़ना-उतरना, जंगलों में बेधड़क घूमना उनका रोजाना का काम था।वो निडर और वीर थे।वो जब किशोर हुए तो उन्होंने परिवार तथा जाति पर अंग्रेज़ी सत्ता का अत्याचार होते देखा।वहां पर बसे पर्वतीय सरदार अपनी जमीन और खेती को बचाने के लिए अंग्रेजों से लड़ते रहते थे। ज़मींदार अंग्रेज़ी सरकार के साथ मिले हुए थे।उनके बताएं मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।इस अवसर पर झामुमो प्रखंड अध्यक्ष अनारुद्दीन मियां, प्रखंड सचिव माइकल मुर्मू, जीप सदस्य समसून मुर्मू उपाध्यक्ष जेम्स सुशील हेमब्रम,बीस सूत्री उपाध्यक्ष नशीम अहमद,मुखिया सुनीराम मुर्मू,लालमोहम्मद अंसारी,कालिदास सोरेन,मुबारक करीम, सुनील सहा,गेबरियल किस्कू एवं मेला समिति के सदस्य सहित हजारों की संख्या मे लोग मौजूद थे।









