सतनाम सिंह
झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में आज 13 जुलाई को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी अजय आर्यन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मो मोहिउद्दीन , स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, अनुमंडल पदाधिकारी पाकुड़ प्रवीण केरकेट्टा ने दीप प्रज्वलित कर किया।
उक्त कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह ने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा लोक अदालत ऐसा मंच है जिसमें आमजनो को सुलह समझौते के अधार पर त्वरित न्याय मिलता है समय की बचत होती है लोक अदालत से मिलने वाले तमाम फायदे की जानकारी दी गई साथ ही बैंक से संबंधित मामले में संबंधित अधिकारी को महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दी गई । अधिक से अधिक संख्या में मामलों को निष्पदान करने हेतु सभी सम्बंधित मामले की अधिकारी को सहयोग करने को कहा गया। सचिव अजय कुमार गुड़िया द्वारा कहा गया कि आज के इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल सात (7) बेचों की गठन किया गया है। साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में अपराधिक मामले, बैंक रिकवरी वाद,मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, श्रम वाद राजस्व,भूमि वाद , चेक बाउंस वाद ,संबंधित बिजली एवं जल वाद, पारिवारिक वाद समेत अन्य सिविल वाद, राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से सभी पक्षकारों के बीच आपसी सुलह समझौते के आधार पर अधिक से अधिक वाद का निष्पादन को लेकर पाकुड़ व्यवहार न्यायालय में आयोजित की गई। आज के इस लोक अदालत में कुल 7065 सात हज़ार पैंसठ वादों का निष्पदान किया गया जिसमें 3 करोड़ 40 लाख 1 हज़ार 6 सौ 53 रूपये का समझौता किया गया। मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ शेष नाथ सिंह,मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिल्पा मुर्मू, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, सचिव अजय कुमार गुड़िया, अनुमण्डल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल बेक प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास कोर्ट कर्मी लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ व सहायक, पैनल अधिवक्ता मेडिटेयर ,इंश्योरेंस कंपनी के अधिवक्तागण ,पैरा लीगल वॉलिंटियर्स समेत कई संख्या में वादी प्रतिवादी उपस्थिति रहे।








