पाकुड़। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम द्वारा शुक्रवार को पाकुड़ पॉलिटेक्निक में आपदा प्रबंधन एवं जीवन रक्षक तकनीकों को लेकर जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व एनडीआरएफ के उपनिरीक्षक अमरेंद्र कुमार ने किया। इस दौरान छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित बचाव और प्राथमिक उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। एनडीआरएफ टीम ने छात्रों को अत्यधिक रक्तस्राव होने पर प्राथमिक उपचार देने, हृदय गति रुकने की स्थिति में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देने की सही प्रक्रिया, सर्पदंश के बाद तत्काल किए जाने वाले उपाय तथा डूबते व्यक्ति को सुरक्षित बचाने के तरीके की व्यावहारिक जानकारी दी। टीम ने उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार कर घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि आपदा के समय सीमित संसाधनों के बीच किस प्रकार जीवन रक्षक उपकरण तैयार कर लोगों की मदद की जा सकती है। प्रशिक्षण पूरी तरह व्यावहारिक रहा, जिससे छात्र-छात्राओं ने रुचि के साथ भाग लेते हुए कई जरूरी बातें सीखी।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुषमा यादव ने एनडीआरएफ टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को आपदा के समय जागरूक और जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से मिली जानकारी भविष्य में लोगों की जान बचाने में मददगार साबित होगी। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए एनडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया।








