पाकुड़ प्रखंड के ईलामी पंचायत में जिला योजना अनाबद्ध निधि एवं DMFT मद से संचालित पांच विकास योजनाओं की अब जांच होगी। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की शिकायत के बाद उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी ने 18 अगस्त को जांच के आदेश जारी करते हुए चार सदस्यीय टीम गठित की है। शिकायत में ईलामी से बगानपाड़ा तक DMFT मद से निर्मित PCC सड़क एवं गार्डवाल में कथित अनियमितता की जांच तथा दोष मिलने पर संबंधित कार्यकारी एजेंसी और संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद प्रशासन ने पांच योजनाओं को जांच के दायरे में लिया है। जांच टीम में अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता दुर्गा सोरेन और NREP के कनीय अभियंता शिवम दीक्षित शामिल हैं। टीम को स्थल निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता, वास्तविक कार्य और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप काम की जांच करने का निर्देश दिया गया है। जांच के दायरे में ईलामी निर्माली घाट से बेड़ा तक 74.78 लाख रुपये की PCC सड़क, बगानपाड़ा में साफिउर के घर से झुन्डू के घर तक 92.80 लाख की PCC सड़क सह गार्डवाल, नूर नवी के घर से हिन्दू टोला के मोहन के घर तक 58.69 लाख की PCC सड़क, मंझर के घर से शरीफुल के घर तक 46.51 लाख की PCC सड़क सह गार्डवाल तथा सिरसा जाने वाली नाली में 42.42 लाख की गार्डवाल सह PCC सड़क शामिल है। अभिलेख के अनुसार तीन योजनाएं DMFT मद से संचालित हैं। इनमें नूर नवी के घर से हिन्दू टोला तक की योजना में 51.92 लाख, बगानपाड़ा की सड़क सह गार्डवाल योजना में 46.46 लाख तथा सिरसा नाली योजना में 33.27 लाख रुपये कार्यकारी एजेंसी को विमुक्त किए जा चुके हैं। उपायुक्त ने जांच दल को स्थल जांच के बाद स्पष्ट मन्तव्य के साथ विस्तृत प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर सौंपने का निर्देश दिया है। अब जांच रिपोर्ट से योजनाओं के निर्माण की गुणवत्ता और स्वीकृत मानकों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट होगी। अनियमितता या लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसी अथवा संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।






