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April 29, 2026 2:26 pm

आदिवासी छात्र संघ का एक दिवसीय झारखण्ड बंद: JSSC और CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग।

बजरंग पंडित

पाकुड़: आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के के० एम० कॉलेज पाकुड़ में आदिवासी छात्र संघ ने एक दिवसीय झारखण्ड बंद का आयोजन किया है। यह बंद JSSC और CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर किया गया है, जिसमें छात्रों ने अपनी आक्रोश व्यक्त की है। छात्रों का कहना है कि वे पाँच से आठ साल से अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन पेपर लीक होने और नौकरियों को बेचे जाने से उन्हें बहुत दुःख होता है। वे सरकार से निवेदन कर रहे हैं कि जल्द से जल्द स्थानीय नीति और नियोजन नीति बनाई जाए और उसके बाद वैकेंसी निकाली जाए। आदिवासी छात्र संघ के उपधात्रनायक जीबन बारकी ने कहा, “हमारे साथ अन्याय हो रहा है। हमें अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि वे हमारी मांगों को पूरा करें। इस आयोजन में धात्रनेना कमल मुर्मू, नवीन संसदा, संतोष मराण्डी, कैलाश मराष्ट्री, सुरेश हेम्ब्रम, बाबुहान मुर्मू, बोना हुई, संतलाल किस्कू आदि उपस्थित थे। आदिवासी छात्र संघ ने इस बंद के लिए सभी का समर्थन मांगा है।

आदिवासी छात्र संघ की मांगें

  1. JSSC और CGL परीक्षा को रद्द करना।
  2. स्थानीय नीति और नियोजन नीति बनाना।
  3. वैकेंसी निकालना।
  4. आदिवासी छात्रों के लिए विशेष प्रावधान करना।
  5. परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना।
  6. नौकरी में आरक्षण की व्यवस्था करना।

आदिवासी छात्र संघ ने सरकार से अपील की है कि वे उनकी मांगों को पूरा करें और आदिवासी छात्रों के अधिकारों की रक्षा करें। इस बंद के चलते पाकुड़ के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों में काम प्रभावित हुआ। छात्रों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। आदिवासी छात्र संघ की यह मांग झारखण्ड के अन्य हिस्सों में भी गूंज रही है। छात्रों की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना होगा। इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है। आदिवासी छात्र संघ की मांगें क्या पूरी होंगी, यह देखना दिलचस्प होगा।

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