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May 9, 2026 10:30 pm

पाकुड़ सामान्य जिला नही अपितु पेसा कानून के तहत एक प्रधानी जिला है– सनत कुमार सोरेन

पाकुड़ के कोयले से पंजाब रौशन हो रहा, पाकुड़ में है अंधेरा कायम

कोल माइंस शोषण करने के मामले में अंग्रेजों से भी आगे निकल गयी

सुदीप कुमार त्रिवेदी

उक्त बातें सेवानिवृत पुलिस अधिकारी एवं वर्तमान में प्रधान एसोसिएशन के अध्यक्ष सनत कुमार सोरेन ने एक विषेष भेंट में कही । जनसमस्या के बाबत खुलकर बात करते हुए सनत कुमार सोरेन ने बताया कि एक तरफ पाकुड़ से कोयला ले जाकर पंजाब खुद को रौशन कर रहा है एवं वहाँ की सरकार सैकड़ों युनिट बिजली मुफ्त में दे रही है जो कि औपनिवेशिक काल के अंग्रेजी शासन के शोषण की याद दिलाती है । सोरेन ने जोर देते हुए कहा कि झारखंड में भी बिजली 100% फ्री होनी चाहिए । पुलिस विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद सार्वजनिक जीवन में आने के सबब पूछे जाने पर श्री सोरेन ने विस्तारपूर्वक बताया कि मूल रूप से फिलवक्त वे प्रधान एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं एवं 2003 में बनी माँझी परगना लाहन्ती बैसी संगठन को पुनर्जीवित कर रहे हैं ताकि समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों की समस्या दूर की जा सके । पूरी तरह से राजनीति में आने का मन बना चुके सोरेन ने आगे बताया कि पाकुड़ जिला एक सामान्य जिला नही है, यहाँ प्रधानी व्यवस्था रही है, लेकिन हमारी वर्तमान सरकार व प्रशासन के लोगों को ही इसकी जानकारी नही है । अपने जबाब के पक्ष में उन्होने पेसा कानून पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार अधिनियमित ) का हवाला देते हुए कहा कि यह पंचायतों से संबंधित संविधान है जिसके 9 के प्रावधानों को अनुसूचित क्षेत्रों की विशिष्ट परिस्थितियों सामाजिक आर्थिक सांस्कृतिक व पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को ध्यान में रखकर बनाया गया है । पेशा कानून का हवाला देते हुए सोरेन ने कहा कि पाकुड़ में प्रधानी व्यवस्था थी, जिसे बदल दिया गया, उन्होंने स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव को भी पेसा कानून के खिलाफ बताते हुए कहा कि वे इस संबंध में एक याचिका दाखिल करेंगे ।

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