फूल-मालाओं से स्वागत के बाद माता-पिता बने पढ़ाई के साझेदार, विद्यालय भ्रमण कर विकास कार्यों में दिए सुझाव।
सुंदरापहाड़ी। उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुंदरापहाड़ी में शनिवार को आयोजित अभिभावक संगोष्ठी में शिक्षा को लेकर एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने स्कूल और अभिभावकों के रिश्ते को नई दिशा दी। बैठक में पहुंचे माता-पिता का बाल संसद के सदस्यों और शिक्षकों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर फूल-मालाओं से स्वागत किया। सम्मान पाकर अभिभावकों में उत्साह दिखा और उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के साथ विद्यालय के विकास में भी सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिया। संगोष्ठी की अध्यक्षता सभाध्यक्ष मंगल सोरेन ने की। प्रधानाध्यापक ने अभिभावकों को केवल बैठक तक सीमित रखने के बजाय उन्हें साथ लेकर पूरे विद्यालय परिसर का भ्रमण कराया। प्रिंट रिच दीवार, खेल मैदान, किचन गार्डन और शौचालय क्षेत्र की स्थिति, सुरक्षा और उपयोगिता पर अभिभावकों से सुझाव लिए गए। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की पढ़ाई में माता-पिता की सक्रिय भूमिका उनकी सफलता की मजबूत नींव बन सकती है।
बैठक में निपुण भारत, एफएलएन गतिविधियों, त्रैमासिक शैक्षणिक प्रगति और कमजोर बच्चों के लिए रेमेडियल कक्षाओं पर चर्चा हुई। 5 से 18 वर्ष तक के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन, नियमित उपस्थिति और ‘प्रयास’ कार्यक्रम से जोड़ने पर जोर दिया गया। अभिभावकों से अपील की गई कि वे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति और दिनचर्या पर नजर रखें। विद्यालय में पिछले सत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वहीं अभिभावकों को पोक्सो अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून और नशीली दवाओं से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों की पोशाक, व्यक्तिगत स्वच्छता, स्कूल की साफ-सफाई, सुझाव पेटी और खोया-पाया बॉक्स के उपयोग की जानकारी भी दी गई।






