पूजा पंडालों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और अलग प्रवेश-निकास अनिवार्य; छठ घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोर और नाव की रहेगी व्यवस्था
पाकुड़। दीपावली, कालीपूजा और छठ महापर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पाकुड़ पुलिस ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह के निर्देश पर जिले के सभी थाना एवं ओपी क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित कर पूजा समितियों को सुरक्षा और विधि-व्यवस्था से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया है कि पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण, अग्नि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे के निर्बाध संचालन के लिए अलग इन्वर्टर या जनरेटर की व्यवस्था करने, स्टील एवं बांस की बैरिकेडिंग लगाने तथा महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार रखना अनिवार्य होगा। अग्नि सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने और उनकी वैधता अवधि की जांच करने को कहा गया है। बिजली कनेक्शन खुले तारों से नहीं करने तथा तारों के जोड़ को सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। पूजा समितियों को प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैनात करने और उन्हें एक समान टोपी, बैज या पहचान पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। आपात स्थिति में सूचना प्रसारित करने के लिए उद्घोषणा प्रणाली तथा जरूरी सुरक्षा संदेश और इमरजेंसी नंबर वाले बैनर लगाने को भी कहा गया है।
पटाखों के लिए समय निर्धारित, छठ घाटों पर आतिशबाजी पर रोक।
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप दीपावली की रात 8 से 10 बजे तथा छठ पर्व के दौरान सुबह 6 से 8 बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति निर्धारित की गई है। हाई डेसिबल पटाखों के इस्तेमाल से बचने की हिदायत दी गई है। छठ घाटों पर अर्घ्य और पूजा के दौरान पटाखे एवं आतिशबाजी नहीं करने के लिए पूजा समितियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जागरूक किया जाएगा, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
विसर्जन जुलूस और छठ घाटों की सुरक्षा पर विशेष जोर।
लक्ष्मी एवं काली पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन जुलूस पारंपरिक मार्गों से निकालने का निर्देश दिया गया है। जुलूस के दौरान डीजे पर अश्लील, सांप्रदायिक या उत्तेजक गाने तथा भड़काऊ नारे लगाने पर रोक संबंधी निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, छठ घाटों पर व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। सभी घाटों पर सूचना पट्ट, पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और किनारों पर बैरिकेडिंग सुनिश्चित करनी होगी। जलाशयों में अधिक गहराई तक जाने से रोकने के लिए सुरक्षित सीमा निर्धारित की जाएगी। इसके अलावा गोताखोर, इन्फ्लेटेड ट्यूब और नाव की व्यवस्था रखने तथा घाटों एवं आवागमन मार्गों पर रात में भी पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने पूजा समितियों से सभी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और आपसी समन्वय के साथ पर्वों को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने की अपील की है।







