पाकुड़। केकेएम कॉलेज, पाकुड़ समेत संताल परगना के विभिन्न महाविद्यालयों में स्नातक सीटों में भारी कटौती के विरोध में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्रों ने सीट कटौती का निर्णय तत्काल वापस लेने और पूर्व की तरह पर्याप्त सीटों पर नामांकन सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एसकेएमयू, दुमका के कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय की नई अधिसूचना के अनुसार केकेएम कॉलेज, पाकुड़ में स्नातक की सीटें 4800 से घटाकर महज 1800 कर दी गई हैं। इससे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के उच्च शिक्षा से वंचित होने का खतरा है। छात्रों का कहना है कि इससे सबसे अधिक प्रभावित गरीब, ग्रामीण, आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी होंगे। ज्ञापन में कहा गया कि संताल परगना आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में परिवार खेती, मजदूरी और दैनिक श्रम पर निर्भर हैं। ऐसे परिवारों के लिए अपने बच्चों को इंटर तक पढ़ाना भी मुश्किल होता है। ऐसे में सरकारी महाविद्यालयों में सीटों की संख्या कम करना गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पिछले वर्ष सभी अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों में स्वीकृत सीटों तथा वास्तविक नामांकन का विषयवार और महाविद्यालयवार आंकड़ा सार्वजनिक करने की भी मांग की। साथ ही केकेएम कॉलेज की पूर्व निर्धारित सभी स्नातक सीटों को तत्काल बहाल करने, इस वर्ष प्रत्येक योग्य विद्यार्थी का नामांकन सुनिश्चित करने और संताल परगना के महाविद्यालयों में छात्र संख्या के अनुरूप सीटें बढ़ाने की मांग रखी।
छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन पांच दिनों के भीतर सीट कटौती का आदेश वापस लेकर पूर्व की तरह पर्याप्त सीटों पर नामांकन सुनिश्चित नहीं करता है, तो छात्र-छात्राएं, अभिभावक और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।






