पाकुड़ ईद- उल- अजहा यानी बकरीद के दिन दो समुदाय के बीच हुई झड़प से उत्पन्न तनाव को लेकर दो समुदाय आमने सामने आ गए थे,काफी तनावपूर्ण माहौल हो चुका था,पत्थर बाजी से बमबाजी तक की घटन घटित हो चुकी थी,बंगाल के उप्रद्रवियों द्वार झारखंड के एक घर को आग के हवाले तक कर दिया गया था,लेकिन पाकुड़ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पाकुड़ की समस्त थाना पुलिस ने मोर्चा संभाले रखा,कैंप लगा रात भर मुस्तैद रहे पुलिस बल,मुफस्सिल थाना प्रभारी संजीव कुमार झा ने अपने थाना क्षेत्र पर जिस तरह सुझबुझ कर पुलिस बल का नेतृत्व किया वो काबिले तारीफ है,लेकिन यह मान लेना की मामला शांत हो गया यह बहुत बड़ी भूल होगी,अभी पुलिस की सक्रियता और बढ़ गई है अभी कुछ दिन कैंप कर मार्च कर मामला को शांत करने की पहल होगी पाकुड पुलिस की। पुलिस की सूझबूझ व सक्रियता से धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है और स्थिति पहले से बेहतर स्थिती में है, पाकुड़ जिला प्रशासन और मुर्शिदाबाद की प्रशासन ने अपने-अपने सीमा क्षेत्र में कैंप कर लोगों को समझाने बुझाने में लगे हुए है,यह नही कह सकते की स्थिति अब तनावपूर्ण नहीं के बराबर है। बुधवार को पाकुड़ और मुर्शिदाबाद प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक में इस तनावपूर्ण माहौल को ही लगभग समाप्त कर दिया है। शान्तिपूर्ण माहौल की दिशा में मुर्शिदाबाद और पाकुड़ प्रशासन की ओर से शान्ति समिति की बैठक की गई। बैठक में पाकुड़ और मुर्शिदाबाद प्रशासन सहित स्थानीय विधायक व सांसद के अलावे ग्रामीण जनप्रतिनिधि व गणमान्य व्यक्ति भी रहे मौजूद,जिन्होंने इस शांति समिति की बैठक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,बैठक में निर्णय लिया गया की आगे चलकर ऐसी स्थिति फिर न उत्पन्न हो, ऐसी घटनाएं दुबारा न हो इसके लिए विशेष चर्चा करते हुए आपसी आम- सहमति बनी। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से झारखण्ड – पश्चिम बंगाल की अपने अपने सीमावर्ती क्षेत्र में स्थायी तौर पर कैंप स्थापित करने की दिशा में भी विशेष चर्चाएं हुई। बहरहाल समाचार लिखे जाने तक सभी बिंदुओं पर प्रशासनिक पहल सकारात्मक रहा, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी। जन जीवन पहले की तरह सामान्य करने को लेकर दोनो समुदाय में सहमति भी बनी,खबर लिखे जाने तक पुलिस अभी कुछ और गोपीनाथपुर पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात रहेगी।





