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April 25, 2026 7:22 pm

श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की वीरता वीर बाल दिवस के रूप में मनाई गई।

जुल्म के आगे डटे रहे फतेह और जोरावर सिंह , बिना उफ किए दे दी प्राणों की आहुति

सतनाम सिंह

पाकुड़ । सिखों के दसवें अंतिम गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्र साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। इनकी वीरगाथा के स्मरण में भाजपा ने राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के रूप में नगर अध्यक्ष पंकज कुमार साह की अध्यक्षता में डॉ•श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्केट कांप्लेक्स,पाकुड़ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में गुरुद्वारा के सरदार प्रेम सिंह, सरदार रंजू सिंह ,सरदार इवरण सिंह गुजराल ,भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पाण्डेय,उपाध्यक्ष हिसाबी राय,ईवरण सिंह गुजराल मौजूद थे। भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पाण्डेय ने राष्ट्रीय वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी के चार बेटों (साहिबजादे) और माता गुजरी जी के त्याग बलिदान और आस्था को कभी बुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह औरंगजेब और उनके लोग के द्वारा तलवार के बल पर गुरु गोविंद सिंह के बच्चों का धर्म बदलना चाहते थे लेकिन उन्होंने अपने दो मासूम बच्चों के बलिदान का फैसला लिया और क्रोधित होकर औरंगजेब ने साहिबजादों को दीवार मे जिन्दा चिनवा दिया।गुरूद्वारे के भाईसाहब सरदार प्रेम सिंह जी ने कहा कि औरंगजेब के आतंक के खिलाफ गुरु गोविंद सिंह जी पहाड़ की तरह खड़े रहे।आस्था की रक्षा के लिए प्राणों न्योछावर करने वाले गुरु गोविंद सिंह के पुत्र जोरावर सिंह जी और फतेह सिंह जी को शत-शत नमन,गुरु गोविंद सिंह के शहीद बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ आतंकवाद था और दूसरी तरफ अध्यात्मवाद एक तरफ संप्रदाय हिंसा थी तो दूसरी तरफ आस्था।प्रतारणा के बाद भी साहिबजादे बिल्कुल भी नहीं हिले और अपनी प्राणों की आहुति दे दी। कार्यक्रम में विश्वनाथ प्रसाद भगत,सोहन मंडल,धर्मेंद्र त्रिवेदी,सुशील साहा,रतन भगत, अनिकेत गोस्वामी,सादेकुल आलम,बप्पा दे,सुमन चौधरी,अंकित मंडल आदि मौजूद थे।

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