पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक की पहल और समझदारी भरी मध्यस्थता से एक पारिवारिक विवाद का सुखद समाधान हुआ। कुटुंब न्यायालय में लंबित मूल भरण-पोषण वाद संख्या 140/2026 में बुधवार को पति-पत्नी के बीच चल रहे मतभेद को बातचीत और सुलह-समझौते के माध्यम से समाप्त कराया गया।
प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दोनों पक्षों की बात सुनते हुए उन्हें आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे की भावनाओं को समझने और वैवाहिक जीवन को प्रेम एवं विश्वास के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। न्यायालय की पहल का सकारात्मक असर हुआ और पति-पत्नी ने सभी मतभेद दूर कर फिर से साथ रहने पर सहमति जताई। सुलह के बाद दंपती ने एक-दूसरे का हाथ थामा और खुशी-खुशी न्यायालय से विदा हुए। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश ने उन्हें मिल-जुलकर सुखी दांपत्य जीवन बिताने की शुभकामनाएं दीं। मामले के समाधान में संबंधित अधिवक्ता की भी सराहनीय भूमिका रही। मौके पर न्यायालय कर्मियों के साथ दोनों पक्षों के परिजन मौजूद रहे।





