जाम नियंत्रण के मुद्दे पर प्रशासनिक बैठक अब तक रही नाकाम।
सुदीप कुमार त्रिवेदी
एक तरफ जिला प्रशासन जाम के मद्देनजर हर दिन बैठक दर बैठक करती हैं लेकिन हकीकत कुछ और बयां करती नजर आती है। ये दृश्य जिला मुख्यालय स्थित छोटी अलिगंज चौक का है जहां पाकुड़ उपायुक्त का आवास भी है । शाम के 6 बजे का दृश्य जब बस स्टैंड से दुमका और रांची के लिए गाड़ी निकल रही है और दूसरी तरफ आम शहरी रोजमर्रा के काम को निपटा कर अपने घर जाने को आतुर है लेकिन इस चौराहे पर फंस जाता है। लगभग आधे घंटे के जाम के बाद ट्रेफिक पुलिस नजर आती है। अब सवाल यह है कि जब जिला प्रशासन आए दिन इस मुद्दे पर बैठक दर बैठक करती है तो फिर ये स्थिति क्यों पैदा होती है ? बताते चलें कि इसी मोड़ पर 10 बजे रात के बाद अवैध गाड़ियों को पास कराने के लिए दलालों का ग्रुप सक्रिय हो जाता है लेकिन ट्रेफिक पुलिस नदारद रहता है इतना ही नहीं ये लोग इसी चौक पर बैठ कर रात में खुले आम दारु पीते हैं लेकिन नगर थाने का निरीक्षण दल नदारद । जब उपायुक्त महोदय के आवास के सामने ये सब हो रहा है तो स्वाभाविक रूप से समझा जा सकता है कि दूर दराज के इलाकों के चेक नाकों पर क्या हालत होगी होगी ? वैसे इस मुद्दे पर जब आधे घंटे बाद आए ट्रैफिक पुलिस से सवाल किया गया तो उन्होंने किसी प्रकार के जबाब देना उचित नहीं समझा ।






