उपायुक्त की अपील- रक्तदान को बनाएं अभियान, ताकि रक्त के लिए न भटके कोई मरीज।
जिले में 18, 24 और 28 सितंबर को विशेष रक्तदान अभियान, 24 को प्रखंड स्तर पर भी शिविर।
पाकुड़। जिले के रक्त कोष में किसी भी रक्त समूह की कमी के कारण जरूरतमंद मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने विशेष रक्तदान अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक स्वैच्छिक रक्तदाताओं को जोड़ने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
उपायुक्त की अध्यक्षता में बुधवार को गूगल मीट के माध्यम से हुई बैठक में रक्त कोष में उपलब्ध विभिन्न रक्त समूहों की समीक्षा की गई। कई समूहों की उपलब्धता कम मिलने पर उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को मिलकर व्यापक रक्तदान अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में रक्त की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
18, 24 और 28 सितंबर को जिला स्तर पर शिविर
उपायुक्त के निर्देश पर 18, 24 और 28 सितंबर को जिला स्तर पर विशेष रक्तदान शिविर आयोजित होंगे। वहीं 24 सितंबर को प्रखंड स्तर पर भी रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। विभाग, प्रखंड और पंचायतवार लक्ष्य तय कर अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया जाएगा। शिक्षा और पुलिस विभाग को विशेष रूप से सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, गृह रक्षक बल, समाहरणालय कर्मी, नगर निकाय, तकनीकी विभाग और सामाजिक संगठनों से भी अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
रक्त कोष मजबूत करना प्राथमिकता
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य केवल शिविर आयोजित करना नहीं, बल्कि जिले के रक्त कोष को इतना मजबूत बनाना है कि किसी भी आपात स्थिति में मरीज और उनके परिजनों को रक्त के लिए भटकना न पड़े। रक्तदान करने वालों को प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों और संस्थानों को भी सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि पात्र नागरिक स्वयं रक्तदान करें और अपने परिवार, मित्रों व परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सामूहिक भागीदारी से ही जिले में ऐसा मजबूत रक्त भंडार तैयार किया जा सकता है, जिससे जरूरत के समय किसी मरीज को रक्त की कमी के कारण परेशानी न हो।




